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अस्पताल की लचर व्यवस्था से मरीज परेशान

कलेर,अरवल । अस्पताल में नहीं दिखे स्वास्थ्य कर्मी | यह मामला सोमवार की देर रात्रि की है ,जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलेर में परिजन मरीज को इलाज करने गए थे जहां स्वास्थ्य कर्मी कमरे में आराम फरमा रहे थे| एक तरफ जहां स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी अपनी ड्यूटी का कर्तव्य निभाएं जिसका उल्लंघन करते हुए स्वास्थ्य आराम फराम रहे हैं और भीषण गर्मी के बीच लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है और तबीयत खराब होने का शिकायत मिल रही है | जहां अस्पताल में मरीजों की किसी प्रकार का परेशानी ना हो |तो दूसरी तरफ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलेर में मरीजों को काफी परेशानी हो रहीं हैं| कहीं ना कहीं एक तरह से जांच का विषय है| इस पर स्वास्थ्य विभाग के जिला के वरीय अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलेर पहुचकर निरीक्षण कर जांच कर ड्यूटी में लपरप्रवाह कर्मियों के ऊपर सख्त कार्रवाई करें ताकि स्वास्थ्य कर्मीयो में सुधार हो |   हालांकि सोमवार की देर रात्रि परिजन मरीज को लेकर इलाज करने गए थे जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलेर में ड्यूटी में स्वास्थ्य कर्मी नहीं दिखे | अस्पताल का परिजन ने फोटो एवं वीडियो क्लिप बना लिया है और सोशल मीडिया पर जारी कर दिया गया है| वायरल फोटो और वीडियो का अखबार पुष्टि नहीं करता है | यह जांच का विषय है ड्यूटी में लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर कारवाई हो सकें|

पीएचसी में दांतों के उपकरण एवं लाखों का फर्नीचर शोभा की वस्तु

अरवल। सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपए की लागत से दांतों के मरीजों के लिए खरीदा गया उपकरण एवं फर्नीचर रख रखाव के अभाव में खराब पड़ा हुआ है। जो मात्र अस्पताल की शोभा बढ़ा रही हैं। सोनभद्र, माली ,वंशी ,शेरपुर, मोगलापुर समेत विभिन्न गांव के दांतों के दर्द से कराह रहे मरीजों को पीएचसी सोनभद्र में ईलाज होती थी।   मरीजों को सुविधा के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को लाखों रुपए के फर्नीचर एवं समाग्री पीएचसी में उपलब्ध करवाया। लेकिन सोनभद्र स्वास्थ्य केन्द्र में दांतो के मरीजों का ईलाज नही होता है। जबकि इसके लिये दंत चिकित्सक भी मौजूद है बाउजूद इसके इलाज से बंचित है प्रखंड क्षेत्र के मरीज।   इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कई बार सिविल सर्जन समेत अन्य अधिकारियों से किया। लेकिन आज भी दांतों के मरीजों का ईलाज के लिए निजी अस्पताल में चिकित्सा से करवाने को मजबूर हैं मरीज।   एमग्रामीणों ने पीएचसी में रखे दांतो के उपकरण एवं फर्नीचर को जांच उपरांत साफ सफाई कर स्वास्थ्य केन्द्र में दांतो के मरीजों को ईलाज सुनिश्चित करवाने मांग आला अधिकारियों से किया है।

अरवल जिले में अभी तक कुल 35 मामले डेंगू के पाए गए

अरवल। जिला प्रशासन अरवल द्वारा जनहित में जारी- डेंगू बीमारी वर्षा के पानी एवं अन्य जलजमाव से उत्पन्न मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। डेंगू बीमारी भी उन्हीं में से एक है, जो बहुत ही खतरनाक एवं जानलेवा मच्छर जमे हुए साफ पानी में भी उत्पन्न होते हैं।   यह मच्छर ज्यादा पुराने पानी में नहीं बल्कि तीन-चार दिन तक एक स्थान पर रखे पानी में भी पनपता है। अभी मॉनसून का समय चल रहा है, जिस कारण इसके फैलने की संभावना ज्यादा है। हाल के रिपोर्ट के अनुसार बिहार में अभी डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो बहुत ही चिंताजनक है।   अरवल जिले में अभी तक कुल 35 मामले डेंगू के पाए गए है, जिसमें तीन मामलें अन्य जिलों से संबंधित है। ऐसे में हमें खुद को सतर्क, सावधान रखकर इस जानलेवा बीमारी के प्रकोप में आने से बचा जा सकता है। ये मच्छर रात में काटने के बजाय दिन में भी काटते हैं। ऐसे में रात से ज्यादा सुबह इन मच्छरों से बचना आवश्यक है। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने एवं आसपास जहाँ भी जल जमाव हो वहाँ कीटनाशी दवाओं या केमिकल का छिड़काव करें, घर को साफ सुथरा एवं हवादार बनाए रखें।   अभी तक रिपोर्ट के अनुसार जिले में चार व्यक्ति संक्रमित पाया गया है जिसका सफलता पूर्वक इलाज कर डिस्चार्य कर दिया गया। नगर परिषद अरवल व नगर पंचायत कुर्था में डेंगू से बचाव हेतु फॉगिंग नियमित रूप से कराई जा रही है। इस क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 22 स्थानों पर फॉगिंग की गई है एवं नगर पंचायत व परिषद द्वारा 08 स्थानों पर फॉगिंग का कार्य किया गया है। जिले के स्वास्थ्य केन्द्र एवं सदर अस्पताल अरवल में 52 जाँच किट, एक फॉगिंग मषीन, 26 बेड एवं मच्छरदानी इसके रोकथाम के लिए वर्तमान में मौजूद हैं।

किंजर सरकारी अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं

अरवल । किंजर ग्राम स्थित एनएच 110 पथ पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है लगभग दस वर्षों पूर्व यह सरकारी अस्पताल हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में भी उत्क्रमित कर दिया गया है यहां प्रतिदिन सैकड़ो रोगी न केवल किंजर इलाके के गांव से आते हैं।   बल्कि पटना जिले के पालीगंज प्रखंड एवं जहानाबाद जिले के रतनी फरीदपुर प्रखंड क्षेत्र के अनेकों गांव से आते हैं इसके अलावा एनएच 110 एवं एसएच 69 पथ पर ऑटो या बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त होता है तो उसे उठाकर स्थानीय पुलिस या पब्लिक सीधे इसी अस्पताल में फर्स्ट एड के लिए लाती है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यहां यह है कि इस अस्पताल में एक्स-रे मशीन ही उपलब्ध नहीं है जिसके चलते दुर्घटनाग्रस्त रोगी को करपी या अरवल ले जाना पड़ता है।      जबकि आज से सात आठ वर्षो पूर्व एक्स-रे मशीन लगा हुआ था लेकिन उस वक्त एमबीबीएस कोई चिकित्सक पदस्थापित नहीं थे जिसके चलते एक्स-रे वाले संवेदक को घाटे का सौदा हो रहा था जिसके चलते वे अपना एक्स-रे प्लांट लेकर चले गए तभी से यहां फिर एक्स-रे प्लांट नहीं लगाया गया।   इस संबंध में शिक्षाविद डॉक्टर कमल विश्वकर्मा प्रोफेसर नरेंद्र सिंह चुन्नू प्रोफेसर मनोज शर्मा का कहना है की जिला प्रशासन किंजर सरकारी अस्पताल में एक्स-रे प्लांट लगाने की व्यवस्था करें ताकि इलाके के गरीब गुरवा मजदूरों किसानों को स्वास्थ्य सुविधा मिल सके उन्हें मात्र एक्स-रे कराने के लिए कुर्था करपी अरवल या जहानाबाद नहीं जाना पड़े।

गांधीनगर के श्मशान घाट में पंचतत्व में विलीन हुईं पीएम मोदी की मां

पीएम मोदी की मां हीराबा के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दे दी गई है। गांधीनगर के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा का निधन हो गया। पीएम मोदी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह सूचना दी गई। पीएम मोदी के ट्विटर हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा गया, ‘शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।’ मां के निधन के बाद पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचे। यूएन मेहता अस्पताल के एक बयान में कहा गया है, ‘हीराबा मोदी का निधन शुक्रवार तड़के (30 दिसंबर) 3.30 बजे (सुबह) इलाज के दौरान हुआ। मां का स्थान कोई नहीं ले सकता: नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी की मां श्रीमती हीरा बेन जी का निधन दुखद। मां का निधन असहनीय और अपूरणीय क्षति होता है। मां का स्थान दुनिया में कोई नहीं ले सकता। दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी जी एवं उनके परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां का निधन, पीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा मोदी का शुक्रवार को निधन हो गया. वे 100 साल की थीं. हीरा बा ने अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में अंतिम सांस ली. हीरा बा को मंगलवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पीएम मोदी ने ट्वीट कर मां हीरा बा को श्रद्धांजलि दी. पीएम की मां हीरा बा को मंगलवार को अचानक से सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. इसके अलावा उन्हें कफ की शिकायत भी थी. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल के कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती करा दिया गया. डॉक्टरों ने उनकी मां का एमआरआई और सीटी स्कैन किया. गुरुवार को अस्पताल की ओर से बयान जारी कर बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार है. लेकिन शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया.

नववर्ष की जश्न को फीका कर सकती है कोरोना की चौथी लहर, सरकार अलर्ट

देश में जनवरी मध्य से कोरोना मामले बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग इलाज के साथ रोकथाम के लिए तमाम एहितयाती उपायों पर मंथन कर रहा है। मंगलवार को प्रदेश भर के अस्पतालों में इलाज की तैयारियों की माक ड्रिल के बाद बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने नववर्ष के जश्न पर रोक लगाने पर डाक्टरों का मंतव्य जाना। उनकी चिंता थी कि बोधगया में लोगों का जमावड़ा लगने के कारण कोरोना के मामले बढ़े हैं, ऐसे में नववर्ष के जश्न से खतरा और बढ़ सकता है। हालांकि, डाक्टरों ने जश्न पर रोक लगाने के बजाय मास्क और शारीरिक दूरी के नियम को अनिवार्य रूप से लागू कराने की सलाह दी है। उनका कहना था कि रोक लगाने के बावजूद लोग आदतन जश्न मनाएंगे और खतरे में आ सकते हैं। एहतियात के साथ जश्न मनाने का नियम लागू कराने से बड़ी आबादी को सुरक्षित रखा जा सकता है। समीक्षा बैठक में शामिल एम्स, आइजीआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य-अधीक्षक और सिविल सर्जनों का मानना था कि कोरोना से निपटने में सरकार के स्तर से तमाम तैयारियां दुरुस्त हैं। कोराेना से कैसे बचना है इसकी बाबत हर शख्स को जागरूक किया जा चुका है। अब यह आमजन के हाथ में है कि वह कोरोना अनुकूल व्यवहार जैसे मास्क पहनना, अंजान सतह छूने के बाद मुंह-नाक व आंख को छूने के पहले साबुन से हाथ धोने, बेवजह यात्रा न करने या भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाना और शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन कर कोरोना से सुरक्षित रहें। अपर मुख्य सचिव ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रेड अलर्ट मोड में रहें और कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाएं। कोरोना उपचार में जिस सामान, दवा की कमी हो अभी बीएमएसआइसीएल से मंगवा लें। कोविड डेडिकेटेड हास्पिटल रहे एनएमसीएच को अधिक संख्या में बेड तैयार रखने को कहा गया। पीएमसीएच को बाथरूम व आक्सीजन कंटेनर समेत अन्य सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। इसके अलावा लखीसराय, अररिया, मुंगेर, बांका जैसे जिलों को कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया।

राष्ट्रपति पद की द्रौपदी मुर्मू ने ली शपथ, कहा : आज मैं खुद को भारत का नेतृत्व करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रही हूं

शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘आज मैं खुद को भारत का नेतृत्व करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। मैं आज देश की महिलाओं और युवाओं को याद दिलाती हूं कि मेरे लिए उनके हित सर्वोपरि हैं। मेरे सामने राष्ट्रपति पद की ऐसी महान विरासत है, जिसने दुनिया में भारत के लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को मजबूत किया है। संविधान के आलोक में मैं पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन करूंगी। मेरे लिए लोकतांत्रिक आदर्श और समस्त देशवासी ऊर्जा का स्रोत रहेंगे।’ उन्होंने इस दौरान कारगिल विजय दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। बता दे कि द्रौपदी मुर्मू ने देश की पहली महिला आदिवासी के तौर पर राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है। चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उन्हें शपथ दिलवाई। इस दौरान द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि मेरे लिए महिलाओं के हित सर्वोपरि होंगे। इसके साथ ही दलितों, पिछड़ों और गरीबों के हितों के लिए भी काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति ने मुझे यहां तक पहुंचाया। देश के गरीब आदिवासी, दलित और पिछड़े मुझमें अपना प्रतिबिंब देख सकते हैं। मेरे इस निर्वाचन में पुरानी लीक से हटकर आज के दौर में आगे बढ़ने वाले युवाओं का भी योगदान शामिल हैं। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैं देश की ऐसी पहली राष्ट्रपति भी हूँ जिसका जन्म आज़ाद भारत में हुआ है।

24 जुलाई को यानि आज रेलवे ने 221 ट्रेनों को किया रद्द, चेक करे स्टेटस

आईआरसीटीसी की वेबसाइट के अनुसार, कैंसिल की गई ट्रेनों की लिस्ट में देश भर के कई शहरों से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। जो यात्री आज यात्रा कर रहे हैं वे रद्द की गई ट्रेनों की पूरी सूची national transporter’s official website पर देख सकते हैं। अगर आप यात्रा करने वाले हैं और आज आपकी ट्रेन है तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है। दरअसल, भारतीय रेलवे ने रविवार 24 जुलाई को कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। आईआरसीटीसी की वेबसाइट के अनुसार, रविवार को कुल 221 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। बता दें कि देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यही वजह है कि कैंसिल की गई ट्रेनों में ज्यादातर ट्रेनें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की रद्द की गई है। ऐसे चेक करें ट्रेन का स्टेटस कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट चेक करने के लिए आप enquiry.indianrail.gov.in/mntes/ की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। यहां आपको दाईं तरफ में Exceptional Trains ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको Cancel Train List, Reschedule या फिर Divert ट्रेनों की लिस्ट पर क्लिक करके चेक कर सकते हैं। देखें, 24 जुलाई रविवार को रद्द की गई ट्रेनों की लिस्ट 00913 , 01539 , 01540 , 01605 , 01606 , 01607 , 01608 , 01609 , 01610 , 03035 , 03036 , 03058 , 03083 , 03085 , 03086 , 03087 , 03094 , 03095 , 03096 , 03097 , 03098 , 03502 , 03549 , 03657 , 03658 , 04129 , 04130 , 04181 , 04182 , 04183 , 04194 , 04601 , 04602 , 04647 , 04648 , 04685 , 04686 , 04699 , 04700 , 04883 , 05137 , 05169 , 05170 , 05334 , 05366 , 05445 , 05446 , 06429 , 06430 , 06846 , 06977 , 06980 , 07519 , 07906 , 07907 , 09071 , 09072 , 09108 , 09109 , 09110 , 09113 , 09483 , 09484 , 09501 , 09502 , 10101 , 10102 , 11027 , 11421 , 11422 , 12824 , 12929 , 12930 , 13033 , 14235 , 14893 , 15232 , 17267 , 17268 , 18109 , 18202 , 18258 , 19035 , 19036 , 19426 , 20972 , 22167 , 22620 , 22910 , 22929 , 22930 , 22959 , 22960 , 31411 , 31414 , 31617 , 31622 , 31711 , 31712 , 36033 , 36034 , 37211 , 37216 , 37246 , 37247 , 37253 , 37256 , 37305 , 37306 , 37307 , 37308 , 37312 , 37319 , 37327 , 37330 , 37335 , 37338 , 37343 , 37348 , 37411 , 37412 , 37415 , 37416 , 37611 , 37614 , 37657 , 37658 , 37741 , 37746 , 37782 , 37783 , 37785 , 37786 , 47105 , 47109 , 47110 , 47111 , 47112 , 47114 , 47116 , 47118 , 47120 , 47129 , 47132 , 47133 , 47135 , 47136 , 47137 , 47138 , 47139 , 47140 , 47150 , 47153 , 47164 , 47165 , 47166 , 47170 , 47176 , 47187 , 47189 , 47190 , 47191 , 47192 , 47195 , 47203 , 47210 , 47220, 66002, 66004, 66015, 66016, 66016, 93002.

जहानाबाद की अनीता शादी के 13 साल बाद दारोगा बन पेश की मिसाल

जहानाबाद की अनीता की सफलता की कहानी दिलचस्पी  है इसलिए क्योंकि शादी के 1-2 नहीं बल्कि 13 साल बाद उन्होंने दारोगा की वर्दी हासिल की है। बता दे कि  बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा और सार्जेंट के लिए हुई परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में कुल 2213 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिसमें दरोगा के लिए 1998 और सार्जेंट के 215 उम्मीदवार शामिल थे। दारोगा की परीक्षा में 742 और सार्जेंट में 84 महिलाएं सफल हुई है। उसी सफल अभ्यर्थियों में से एक जहानाबाद की अनीता भी है। अनीता के पति जहानाबाद के होरिलगंज मोहल्ला स्थित तंग गलियों में आटा चक्की की मशीन चलाते हैं। संतोष आटा चक्की के माध्यम से किसी तरह अपनी पत्नी और दो बच्चों का परिवार चला रहे थे लेकिन पत्नी को गृहस्थी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। 13 साल पहले अनीता की शादी हुई थी और उसके बाद वो हाउस वाइफ बन गईं।  इस दौरान अनीता को दो बेटे भी हुए लेकिन शादी के बाद भी अनीता ने पढाई कायम रखी और बच्चों के जन्म के बाद उन्होंने नौकरी की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान उनके पति ने घर का जिम्मा संभाला.। अनीता ने पहले सिपाही की नौकरी हासिल की और अब उसी विभाग में दारोगा बन गईं। शनिवार को अनीता के  घर पहुचे बकवास न्यूज के टीम को अनीता ने बताया की कि शादी के 10 साल बाद उन्होंने कुछ करने की ठानी और पहले पुलिस ज्वाइन कर अपना दमखम दिखाया।  हौसलों को थोड़ा बल मिला और 2020 में जब दारोगा की वैकेंसी निकली तो उन्होंने ठान लिया कि अब यही नौकरी करनी है। रोहतास में आरक्षी के पद पर नौकरी करते हुए अनीता ने पहले पीटी फिर फिजिकल निकाला और फाइनली एसआई की नौकरी ले ली।रिजल्ट निकलने के बाद जब अनीता जहानाबाद पहुंचीं तो परिजनों ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। अनीता की सफलता ये संदेश देती है कि हर सफलता के पीछे आपकी सोच और विचार का बहुत बड़ा योगदान होता है। कोई भी काम करने से पूर्व यदि आपके मन में उत्साहहीनता या असफलता के भाव और विचार आते हैं तो निश्चित जानिए आप कभी सफल नहीं हो सकते है। ये दृढ़ संकल्प ही था कि शादी के 13 साल बाद दो बच्चों की मां ने वैसी नौकरी पाई जिसमें मानसिक के साथ शारीरिक रूप से मजबूत होना जरूरी है – अनीता, दारोगा, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग