Bakwas News

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों तक ठंड से नहीं मिलेगी राहत

पिछले दो दिनों से बिहार कड़ाके की ठंड की चपेट में है। शुक्रवार को भी स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। दिन में धूप निकली, लेकिन प्रभाव छोड़ पाने में विफल रही। दक्षिण-पश्चिम हवा के प्रवाह से दूसरे दिन भी प्रदेश के तापमान में गिरावट आई। राजधानी समेत पूरा प्रदेश कोहरे की चादर में लिपटा रहा। प्रदेश के 14 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा।  मौसम विज्ञानी संजय कुमार की मानें तो पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी, शुष्क मौसम व हवा में नमी अधिक होने के कारण ठंड में वृद्धि हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। दो दिनों के बाद यानी नए साल पर न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री की वृद्धि होने से ठंड का अहसास थोड़ा कम होने की संभावना है। नववर्ष के पहले दिन मौसम खुशगवार रहेगा। पछुआ हवा के प्रवाह में कमी आने के साथ प्रदेश का मौसम सामान्य बना रहेगा। हवा की गति में कमी आने के कारण अगले तीन से चार दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं। प्रदेश के 15 जिलों के न्यूनतम तापमान में कमी होने से ठंड में बढ़ोतरी देखी गई। हिमालय की तराई से सटे लगभग 11 जिलों में घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन व यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फारबिसगंज में 25, पूर्णिया में 50, वाल्मीकि नगर में 150 व राजधानी में छह सौ मीटर दृश्यता दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे ठंडा भागलपुर का सबौर रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय दृश्यता ठीक रहने से विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। पटना के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की वृद्धि के साथ 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गांधीनगर के श्मशान घाट में पंचतत्व में विलीन हुईं पीएम मोदी की मां

पीएम मोदी की मां हीराबा के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दे दी गई है। गांधीनगर के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा का निधन हो गया। पीएम मोदी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह सूचना दी गई। पीएम मोदी के ट्विटर हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा गया, ‘शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।’ मां के निधन के बाद पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचे। यूएन मेहता अस्पताल के एक बयान में कहा गया है, ‘हीराबा मोदी का निधन शुक्रवार तड़के (30 दिसंबर) 3.30 बजे (सुबह) इलाज के दौरान हुआ। मां का स्थान कोई नहीं ले सकता: नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी की मां श्रीमती हीरा बेन जी का निधन दुखद। मां का निधन असहनीय और अपूरणीय क्षति होता है। मां का स्थान दुनिया में कोई नहीं ले सकता। दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी जी एवं उनके परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां का निधन, पीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा मोदी का शुक्रवार को निधन हो गया. वे 100 साल की थीं. हीरा बा ने अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में अंतिम सांस ली. हीरा बा को मंगलवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पीएम मोदी ने ट्वीट कर मां हीरा बा को श्रद्धांजलि दी. पीएम की मां हीरा बा को मंगलवार को अचानक से सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. इसके अलावा उन्हें कफ की शिकायत भी थी. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल के कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती करा दिया गया. डॉक्टरों ने उनकी मां का एमआरआई और सीटी स्कैन किया. गुरुवार को अस्पताल की ओर से बयान जारी कर बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार है. लेकिन शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया.

18 वर्षीय ट्रक चालक युवक पर एसिड डाल मौत के घाट उतारा

बिहार के औरंगाबाद में तेजाब से नहलाकर युवक की हत्या मामले ने सनसनी फैला दी है। मंगलवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के औरंगाबाद-पटना मार्ग पर तेजाब से नहलाए युवक का शव मिला था। एसिड से  की हुई हत्या मामले में मृतक की पहचान 24 घंटे के अंदर हो गई है। मृत युवक 18 वर्षीय रघु कुमार ट्रक के सहचालक थे। वह पश्चिमी चंपारण (बेतिया) जिले के मंझौलिया थाना क्षेत्र के गुदरा गांव निवासी के निवासी थे। घटना की सूचना मिलने के बाद सहचालक के स्वजन बुधवार को औरंगाबाद पुहंचे और शव की पहचान किए। पहचान के बाद शव को अपने घर ले गए। सहचालक की हत्या मामले में उसके भाई ज्योतिलाल यादव के द्वारा ट्रक मालिक मोतिहारी के शेख जावेद और चालक बेतिया निवासी रत्नेश कुमार को आरोपित किया है। सहचालक की हत्या का कारण प्रेम प्रसंग बताया गया है। स्वजन ने पुलिस को बताया कि रघु कुमार अपने चालक के साथ 21 दिसंबर को मोतिहारी से औरंगाबाद के लिए चले थे। यहां सीमेंट लादने के लिए ट्रक को यार्ड में खड़ा किया था। रात को उसकी हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद ट्रक चालक की मां के द्वारा मोबाइल पर सहचालक के स्वजन को गायब होने की जानकारी दी गई। गायब होने के मामले में स्वजन के द्वारा जब चालक और मालिक से जानकारी ली गई तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि सहचालक के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। सीडीआर से हत्या में शामिल लोगों के बारे में पता चलेगा। हत्या के कारणों का पता चलेगा। सहचालक की हत्या किस जगह पर की गई है इसकी जांच चल रही है। बताया कि हत्या का कारण अबतक प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। सीमेंट फैक्ट्री के यार्ड के पास गलत धंधा का मामला सामने आ रहा है।

नववर्ष की जश्न को फीका कर सकती है कोरोना की चौथी लहर, सरकार अलर्ट

देश में जनवरी मध्य से कोरोना मामले बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग इलाज के साथ रोकथाम के लिए तमाम एहितयाती उपायों पर मंथन कर रहा है। मंगलवार को प्रदेश भर के अस्पतालों में इलाज की तैयारियों की माक ड्रिल के बाद बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने नववर्ष के जश्न पर रोक लगाने पर डाक्टरों का मंतव्य जाना। उनकी चिंता थी कि बोधगया में लोगों का जमावड़ा लगने के कारण कोरोना के मामले बढ़े हैं, ऐसे में नववर्ष के जश्न से खतरा और बढ़ सकता है। हालांकि, डाक्टरों ने जश्न पर रोक लगाने के बजाय मास्क और शारीरिक दूरी के नियम को अनिवार्य रूप से लागू कराने की सलाह दी है। उनका कहना था कि रोक लगाने के बावजूद लोग आदतन जश्न मनाएंगे और खतरे में आ सकते हैं। एहतियात के साथ जश्न मनाने का नियम लागू कराने से बड़ी आबादी को सुरक्षित रखा जा सकता है। समीक्षा बैठक में शामिल एम्स, आइजीआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य-अधीक्षक और सिविल सर्जनों का मानना था कि कोरोना से निपटने में सरकार के स्तर से तमाम तैयारियां दुरुस्त हैं। कोराेना से कैसे बचना है इसकी बाबत हर शख्स को जागरूक किया जा चुका है। अब यह आमजन के हाथ में है कि वह कोरोना अनुकूल व्यवहार जैसे मास्क पहनना, अंजान सतह छूने के बाद मुंह-नाक व आंख को छूने के पहले साबुन से हाथ धोने, बेवजह यात्रा न करने या भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाना और शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन कर कोरोना से सुरक्षित रहें। अपर मुख्य सचिव ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रेड अलर्ट मोड में रहें और कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाएं। कोरोना उपचार में जिस सामान, दवा की कमी हो अभी बीएमएसआइसीएल से मंगवा लें। कोविड डेडिकेटेड हास्पिटल रहे एनएमसीएच को अधिक संख्या में बेड तैयार रखने को कहा गया। पीएमसीएच को बाथरूम व आक्सीजन कंटेनर समेत अन्य सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। इसके अलावा लखीसराय, अररिया, मुंगेर, बांका जैसे जिलों को कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया।

बेहोशी की हालत में निर्वस्‍त्र मिली कोचिंग पढ़ने गयी छात्रा

मिर्जापुर। अदलहाट थाना क्षेत्र के एक कॉलेज के पीछे घर से कोचिंग पढ़ने निकली इंटर की छात्रा बेहोशी की हालत में निर्वस्त्र मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। दुष्कर्म के बाद छात्रा को कॉलेज के पीछे फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। अदलहाट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 12वीं की छात्रा शुक्रवार की शाम घर से कोचिंग पढ़ने गई थी। उसके बाद वापस घर नहीं लौटी। देर शाम छह बजे तक वापस नहीं लौटने पर परिजन परेशान होकर खोजबीन करने लगे, लेकिन छात्रा का कुछ पता नहीं चला। शनिवार की सुबह बाजार स्थित एक कॉलेज के पीछे छात्रा बेहोशी की हालत में निर्वस्त्र मिली। आसपास के लोगों ने बेहोशी हालत में छात्रा को देख तत्काल पुलिस को सूचना दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रा के मिलने की जानकारी होते ही परिजन भी पहुंच गए। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि छात्रा से दुष्कर्म के बाद उसे कॉलेज के पीछे फेंक दिया गया। मामले में अदलहाट थानाध्यक्ष विजय कुमार चौरसिया ने बताया कि छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार के बाद छात्रा के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।

बढती ठंढ के चलते बिहार सरकार ने एटीएम के सुरक्षा का टास्क एसपी को सौंपा

बिहार के सभी जिलों में एटीएम सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। सुनसान व संवेदनशील इलाकों के एटीएम को जिलास्तर पर चिह्नित किया जाएगा। ऐसे एटीएम में गार्ड व सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाएगा। हाल के दिनों में एटीएम से कैश चोरी की घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को इस बाबत निर्देश दिया है। एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एटीएम की सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा है। इसके लिए सभी जिलों के एसपी बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें देखा जाएगा कि बैंक एटीएम सुरक्षा के तय मानदंडों का पालन कर रहे हैं या नहीं। किन-किन बैंकों में गार्ड रखे गए हैं रात के समय संवेदनशील क्षेत्रों के एटीएम में गार्ड रहते हैं या नहीं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरा लगा है या नहीं। अगर कैमरे लगे हैं, तो काम कर रहे हैं या नहीं। इन सारे बिंदुओं को लेकर एटीएम की सुरक्षा में चूक और उसके निदान का प्लान बनाया जाएगा। बैंक अधिकारियों को जहां जरूरत होगी, वहां पुलिस के स्तर से भी रात्रि गश्ती व अन्य सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।पुलिस मुख्यालय में हुई सभी क्षेत्र व जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी डीआइजी दलजीत सिंह ने भी एटीएम सुरक्षा को लेकर निर्देश दिया। वर्ष 2009 में रिजर्व बैंक आफ इंडिया के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करने को कहा गया। यह भी कहा गया कि मुख्यालय स्तर से भी चुनिंदा जिलों की समीक्षा की जाएगी। राज्य में ठंड की दस्तक के साथ ही एटीएम चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कुछ दिनों पूर्व ही राजधानी के कंकड़बागा के आरएमएस कालोनी में चोरों ने एटीएम उखाड़कर तीन लाख से अधिक नकद की चोरी कर ली। पिछले साल अक्टूबर में फुलवारीशरीफ के इशापुर में एचडीएफसी बैंक के एटीएम उखाड़कर चोर ले गए थे जिसमें 21 लाख रुपये नकद थे। कुछ माह पूर्व गया में भी चोरों ने एटीएम से 15 लाख की राशि गायब कर दी थी।

भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध करायेगी बिहार सरकार, लिया फैसला

पटना। बिहार में एक बार फिर से बुलडोजर अभियान शुरू होने वाला है। अभियान की जद में बड़े मकान हों या दुकान, सभी आएंगी। सोमवार को प्रदेश के मुख्‍य सचिव आमिर सुबहानी ने इस पूरे अभियान की समीक्षा की। इस दौरान अतिक्रमण करने वालों के लिए राहत वाली एक बात भी सरकार ने कही है। अतिक्रमण हटाओ अभियान में अगर किसी ऐसे व्‍यक्ति का घर आता है, जिसके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है, तो सरकार उसे बसने के लिए जमीन देगी। यह अभियान जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत चलाया जाएगा। इसके तहत जलस्रोतों को कब्‍जा कर बनाए गए अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान में जिनके भी मकान खाली कराए और उनके पास रहने का दूसरा कोई ठिकाना नहीं है तो सरकार उन्हें जमीन देगी। मुख्य सचिव के स्तर पर हुई बैठक में मिशन का नोडल विभाग ग्रामीण विकास विभाग के अलावा कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव के अलावा जिलाधिकारी भी वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये जुड़े रहे। बैठक के दौरान ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि इस अभियान को 2022 के स्थान पर तीन वर्ष का अवधि विस्तार दिया गया है। अब जल-जीवन-हरियाली अभियान 2025 तक जारी रहेगा। ग्रामीण विकास के पदाधिकारी ने मुख्य सचिव को बताया कि इस अभियान के तहत जिन जल स्रोतों आहर, पईन वगैरह पर अतिक्रमण है उन्हें प्राथमिकता से अतिक्रमण मुक्त करने का काम चल रहा है। सरकार की ओर से बताया गया कि अब तक करीब 15 सौ स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। 427 प्लाट जो सरकारी हैं, वे अब भी अतिक्रमण की चपेट में हैं। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सरकारी प्लाट पर अतिक्रमण की पहचान हो चुकी है उन्हें अविलंब खाली कराएं। ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि लगभग ढाई हजार ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया, जिनके पास अतिक्रमण की वजह से जमीन नहीं है। ऐसे चिह्नितों में से अब तक 1700 लोगों को मुफ्त जमीन दी गई है। मुख्य सचिव ने शेष चिह्नित लोगों को भी अविलंब जमीन उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

किसकी नाक का सवाल बन गए हैं गुजरात और हिमाचल चुनाव ?

हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस फिर से आमने सामने की लड़ाई में है। कांग्रेस ने दिल्ली से सबक सीखा है। केजरीवाल जब पहली बार कांग्रेस को हरा कर दिल्ली में चुनाव जीते थे, तब राहुल गांधी ने कांग्रेस की एक बंद कमरे की मीटिंग में कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को केजरीवाल से सीखना चाहिए कि चुनाव कैसे लड़ना होता है।वह केजरीवाल से इतना प्रभावित थे कि उन्होंने कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में उनकी पहली सरकार बनवा दी थी। फिर कुछ दिन तक कांग्रेस और भाजपा में आम आदमी पार्टी को एक दूसरे की बी टीम कहने की होड़ मची। आखिर भाजपा और कांग्रेस दोनों को समझ आ गया कि आम आदमी पार्टी दोनों का वोट बैंक खा रही है। पंजाब में उसने कांग्रेस, भाजपा के साथ साथ क्षेत्रीय पार्टी अकाली दल का वोट2014 से हरियाणा की राजनीति में बदलाव आया, जब देवी लाल के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला भ्रष्टाचार के आरोप में जेल चले गए, और उधर राष्ट्रीय राजनीति में मोदी का उदय हुआ, तो हरियाणा में कमल का फूल खिला, और ऐसा खिला कि 2019 में भाजपा ने सत्ता में वापसी भी कर ली।हिमाचल में भी अब पहली बार लग रहा है कि भाजपा सरकार की वापसी हो रही है। अगर ऐसा होता है तो इसकी वजह आम आदमी पार्टी होगी, क्योंकि वह 68 में से 67 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के विपक्ष के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है, इसलिए वह हर राज्य में मोदी विरोधी वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। हिमाचल प्रदेश और गुजरात दोनों ही राज्यों में वह मोदी विरोधी वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। इसका सीधा नुकसान मोदी विरोधी प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस को होगा, और मोदी विरोधी वोट बंटने से सीधा फायदा भाजपा को होगा। जिससे दोनों ही राज्यों में भाजपा की सीटें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस इस बात को बखूबी समझती है, इसलिए कांग्रेस ने राहुल गांधी की दस साल पहले कही गई बात को याद करके केजरीवाल के तरीके से चुनाव लड़ने का फैसला किया है

विदेशों में PM मोदी का क्यों होता है सम्मान? बताया CM गहलौत ने

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनियाभर में सम्मान मिलता है, क्योंकि वह ऐसे देश के प्रधानमंत्री है, जहां लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और जो महात्मा गांधी का देश है। गहलोत ने बांसवाड़ा के पास मानगढ़ धाम में ‘मानगढ़ धाम की गौरव गाथा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा। इस दौरान मंच पर प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे। गहलोत ने कहा, इस देश में 70 साल से लोकतंत्र जिंदा है। बीते 70 साल में हमारा देश कहां से कहां से कहां पहुंच गया। पहले हम गुलामी की जंजीरों से जकड़े हुए थे। इसकी कहानियां हम आज पढ़ रहे हैं। हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत और गहरी हैं। दुनिया को जब एहसास होता है कि उस देश के प्रधानमंत्री हमारे देश में आ रहे हैं तो आप सोच सकते हैं वे कैसा सम्मान देते हैं।