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पेयजल से जुड़े समस्याओं के निराकरण को ले डीएम ने दी आवश्यक दिशा निर्देश

अरवल । जिला पदाधिकारी, अरवल वर्षा सिंह के द्वारा समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिले में उच्च तापमान एवं उष्ण लहर (हीट वेव) को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को पेयजल से जुड़े समस्याओं के निराकरण के आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में अबतक 566 चापाकलों की मरम्मती की जा चुकी है एवं 110 नये चापाकलों का अधिष्ठापन किया जा चुका है।   इस आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि जल्द से जल्द शेष चापाकलों की मरम्मती एवं अन्य नये चापाकलों के अधिष्ठापन का कार्य किया जाए जिससे लोगों को पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही लोक स्वास्थ अभियंत्रण विभाग द्वारा सूचित किया गया कि जिले में पेयजल की समस्याओं को दूर करने हेतु वॉटर टैंकर की मदद से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।   पेयजल से जुडी किसी भी समस्या के लिए वॉटर कॉन्ट्रोल रूम दूरभाष संख्या 06337229306 पर सम्पर्क किया जा सकता है। विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि गर्मी को देखते हुए शहरी क्षेत्र में 23-24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्र में 22-23 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है साथ ही कृषि कार्य हेतु 13 कृषि फीडरों से 08 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए निदेशित किया गया कि सभी अव्यवस्थित विद्युत तारों को ठीक किया जाए ताकि उनसे होने वाली अगलगी एवं अन्य जानलेवा घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।   कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद अरवल द्वारा बताया गया कि पेयजल की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत 15 वॉटर एटीएम का अधिष्ठापण किया जा चुका है जहाँ पर शीतल पेयजल का प्रबंध किया गया है। कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत कुर्था द्वारा सूचित किया गया कि कुर्था नगर पंचायत अंतर्गत 04 स्थलों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान जिले में खेतों की सिंचाई व्यवस्था से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उच्च नहरों यथा सोन, कुर्था, खगौल के पदाधिकारियों को यथाशीघ्र नहरों में पानी छोड़ने के लिए निदेशित किया गया ताकि जिले के खेतों में बुआई एवं रोपाई का कार्य किया जा सके।

भीषण गर्मी से मरीजों की संख्या ने बेतहासा वृद्धि

अरवल। जिले में हिट वेव के भयंकर प्रकोप से आम- जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले का तापमान 44 के भी पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी के इस प्रकोप से लोग तेजी बीमार पड़ने लगे हैं। जहाँ सदर अस्पताल में आये पांच मरीजों की मौत हो गई है। लू लगने कि अशांका जताई जा रहीं हैं| हालांकि मरीज पहले से कई तरह की बीमारियों से पीड़ित थे। गर्मी में तकलीफ बढ़ने पर बीमारी ने मौत की नींद सुला दी। जिसमें करवासिन निवासी बाबुराम ,जयपुर निवासी पलक, बालूविगहा निवासी कृष्णा, भोजपुर के धेवरी निवासी लालमून देवी तथा महेंदिया के धनमनिया देवी शामिल है। मौत के बाद किसी भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है|   सदर अस्पताल के चिकित्सा पदधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते सरकाारी अस्पताल के ओपीडी में लू सेे ग्रसित मरीजों की सख्या लगातार बढ़ रही है| ऐसे में किसी भी व्यक्ति को बिना काम के बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए | धूप से बचने के लिए के लिए छाते एवं तौंलिया का इस्तेमाल करने के साथ-साथ हल्के रंग का ढीला ढाला सूूती कपड़े पहनने की सलाह दी | सदर अस्पताल में लू वार्ड बनाया गया है लेकिन मरीजों की संख्या के आगे नाकाफी साबित हो रही है।

बकरीद पर्व को लेकर दर्जनों स्थानों पर पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट तैनात

अरवल । बकरीद पर्व को लेकर जिले के वासिलपुर, फरीदाबाद , प्रसादी इंगलिश, अबगिला के अलावे सभी ईदगाहो पर लोगों ने नमाज अदा कर एक दूसरेे को मुबारकबाद दिया। इस मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।   इधर अबगिला मजिस्द के पास मजिस्ट्रेट के साथ रामपुर चौरम थाना अधयक्ष सिंटु कुमार पुलिस बल के साथ तैनात थे। आज का दिन मुस्लिम धर्म को मानने बाले के लिए एक अहम दिन है, इंसान अपने सबसे प्यारा चीज को कुर्बानी देते है और अल्लाह ताला से दुआ मांगते है, लोग अपने-अपने घर जाकर जानवर की कुर्बानी देंगे और उसके तीन हिस्सा को बाट कर एक हिस्सा अपने पास रखेगें।

अल्लाह के प्रति बन्दे का सम्पूर्ण समर्पण है ईद-उल-अज़हा : आदिल

मानव विकास के इतिहास के अवलोकन से पता चलता है कि दुनिया में जितने भी मजहब हैं, सभी में कुर्बानी (बलि) की प्रथा किसी न किसी रूप में प्रचलित है। जब मनुष्य जंगलों और विराने में जीवन व्यतीत करता था और मजहब उनके जीवन में समाहित नहीं हुआ था, तब भी अलग-अलग कबीले में कुर्बानी का चलन था। जहां तक मजहब इस्लाम में कुर्बानी का सवाल है, तो कुरान और हदीस दोनों में कुर्बानी की हिदायत दी गयी है। कुरान शरीफ में अल्लाह ने फरमाया है- “फसल्लैले रब्बेका वनहर” (सूरह अलकौसर) अर्थात नमाज पढ़िये और अपने रब के लिए कुर्बानी कीजिए, हजरत पैगंबर (स०अ०) ने भी अपने आखिरी हज के खुतबे में अरफात के मैदान में फरमाया था- “ऐ लोगों हर साल हर घर वाले पर कुर्बानी जरूरी है” (तिमंजी), दरअसल, ईद-उल-अजहा जिसे आम बोलचाल में बकर-ईद कहा जाता है। इस्लाम धर्म के मानने वालों के लिए एक अहम त्योहार है। इसे मनाने के पीछे एक बड़ा पवित्र इतिहास है। यह इस्लाम धर्म के उद्भव के पूर्व से प्रचलित है। हजरत इब्राहीम (अ०स०) को ईश्वर ने स्वपन दिया कि अपनी सबसे अजीज चीजों की कुर्बानी दो। हजरत इब्राहीम जिन्हें खलीलुल्लाह (ईश्वर का मित्र) कहा जाता है, उन्होंने उस स्वप्न के आलोक में अपनी पसंदीदह चीजों की कुर्बानी दी लेकिन पुनः स्वपन आया कि अपनी सबसे अजीज (प्यारी) चीजों की कुर्बानी दो अब हजरत इब्राहीम के लिए परीक्षा की घड़ी थी कि उनके के लिए सबसे प्यारी चीज उनका इकलौता बेटा हजरत इस्माईल है।   सनद रहे कि हजरत इब्राहीम को अल्लाह ने बुढ़ापे (85 साल) में एकमात्र संतान हजरते हाजरा की कोख से हजरत इस्माईल का जन्म हुआ था। इसलिए यह पुत्र न केवल उनके जीवन का आखिरी सहारा था, बल्कि उनके लिए ईश्वर का वरदान भी था। अब हजरत इब्राहीम ईश्वर के इशारे की रोशनी में अपने बेटे हजरत इस्माईल को ही कुर्बान करने के लिए तैयार हो गये और जब हजरत इस्माईल की गर्दन पर तेज धारदार छुरी चलाने लगे, तो ईश्वर ने हजरत इब्राहीम के समर्पण को कबूल करते हुए हजरत इस्माईल की जगह दुम्बा (एक प्रकार का जानवर) रख दिया और इस तरह उसकी कुर्बानी हो गयी।   हजरत इस्माईल सही-सलामत जीवित रहे। इस्लाम धर्म में हजरत इब्राहीम की इसी सुन्नत की अदायगी के लिए ईद-उल-अजहा का त्योहार मानाया जाता है। दरअसल, ईद-उल-अजहा का संदेश यह है कि मनुष्य ईश्वर की कृति है और इसके पास जो कुछ भी धन-दौलत है, वे सभी ईश्वर की देन हैं. इसलिए इंसान को हमेशा अल्लाह के प्रति समर्पित रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह को बंदे का समर्पण ही सबसे अधिक पसंद है और यहीं सबसे बड़ी इबादत है।

जिला पदाधिकारी के द्वारा भीषण गर्मी को लेकर एडभावाइज जारी किया गया

अरवल।  जिले में भिषण गर्मी  (हीट वेव) को लेकर अरवल जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह द्वारा पूर्व में भी एडवाइजरी जारी की गई है एवं वर्तमान में हीट वेव के तीक्ष्ण प्रभावों को देखते हुए उनके द्वारा पुनः एडवाइजरी जारी की जा रही है कि लू के दौरान लोगों के द्वारा क्या-क्या सावधानियों बरतनी चाहिए। इस दौरान विशेष सावधानियाँ बरतकर हीट वेव (उष्ण लहर) के प्रकोप से बचा जा सकता है। हीट वेव के दौरान प्रभाव को कम करने और हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली गंभीर बीमारी या मृत्यु को रोकने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। पर्याप्त पानी पीयें ताकि शरीर पूरी तरह से हाईड्रेट रहे। हल्के रंग के ढ़ीले व झरझरा सूती कपडे पहनें। धूप में बाहर निकलते समय सुरक्षात्मक चश्मे, छाता, टोपी, जूते या चप्पल का प्रयोग करें। बाहर का तापमान अधिक होने पर श्रमसाध्य गतिविधियों से बचे। दोपहर 12बजे से 3 बजे के बीच बाहर काम करने से बचें। यात्रा के दौरान अपने साथ पानी जरूर रखें। शरीर को निर्जलित करने वाले पेय पदार्थों यथा चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय के सेवन करने से बचें। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचे और बासी भोजन न करें। बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में न छोड़ें, यदि आप बेहोशी या बीमार महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ। ओआरएस, घर के बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करे जो शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करते हैं। पशुओं को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। पंखे, नम कपड़ों का प्रयोग करें और जरूरत पड़ने पर ठंडे पानी से स्नान करें। इस दौरान सनस्ट्रोक से प्रभावित व्यक्ति के उपचार के लिए भी सुझाव दिया गया एवं बताया गया कि वैसे व्यक्ति जो सनस्ट्रोक से प्रभावित है उन्हें ठंडे स्थान पर छाया के नीचे लिटा दें। उसे गीले कपडे से पोछे और शरीर को बार-बार धोयें। सामान्य तापमान का पानी सिर पर डालें। सबसे जरूरी बात शरीर के तापमान को कम करना है। व्यक्ति को ओआरएस पीने के लिए दें या नीबू का शरबत, तोरानी या जो भी शरीर को रिहाइड्रेट करने के लिए उपयोगी हो वो उस व्यक्ति को दें। व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएँ। रोगी को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है, क्योंकि हीट स्ट्रॉक घातक हो सकता है एवं इससे जान भी जा सकती है। पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए वॉटर कॉन्ट्रोल रूम दूरभाष संख्या 06337229306 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दिवंगत बीएसएफ जवान को दी गई अंतिम विदाई

अरवल। जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कामता गांव निवासी बीएसएफ के जवान बैद्यनाथ प्रसाद शर्मा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कमता में किया गया इस अवसर पर जवानों द्वारा सलामी भी दिए गए वैद्यनाथ शर्मा का शव आने की प्रतीक्षा शुक्रवार से किया जा रहा था शव आते ही अंतिम दर्शन करने के लिए गांव के लोगों के अलावे आसपास के लोग भी काफी संख्या में पहुंचे अंतिम दर्शन करने के लिए पूर्व सांसद डॉक्टर अरुण कुमार स्थानीय विधायक महानंद सिंह बसपा जिला अध्यक्ष मनोज यादव के अलावे काफी संख्या में राजनीतिक दल के कार्यकर्ता एवं नेता पहुंचे थे|   मिली जानकारी के अनुसार वैद्यनाथ शर्मा अपनी कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए कुछ बिहार जिले के पिछली बड़ी आंचल में सीमा चौकी भीम 6वी वाहिनी के इलाके में खराब मौसम के परवाह किए बगैर तत्परता पूर्वक अपने ड्यूटी का निर्वहन कर रहे थे तभी वहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जमीन पर गिर पड़े इस घटना के तुरंत बाद नजदीकी पॉइंट पर ड्यूटी में तैनात जवान मौके पर पहुंचे लेकिन इस दौरान वैद्यनाथ शर्मा के शरीर में कोई हरकत नहीं था।   जांच के बाद पता चला कि उनकी मौत हो गई है हेड कांस्टेबल वैद्यनाथ प्रसाद शर्मा ड्यूटी के प्रति तत्परता और उनके बलिदान सीमा सुरक्षा बल और पूरे देश को गोर्बान्वित किया है |

विश्व रक्त दिवस के मौके पर दर्जनों लोगों ने किया रक्तदान

अरवल। विश्व रक्त दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में रक्तदान का आयोजन किया गया जिसमें हर बार सक्रिय रूप से रक्तदान में भाग लेने वाले शोएब आलम ने एक यूनिट रक्तदान किया हलाकि इस अवसर पर पूर्व में काफी उमंग और जोश खरोश के साथ जिले क्षेत्र के कई नौजवानों में अपना रक्तदान कर महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है जिससे कई लोगों की गंभीर परिस्थितियों में सहायता भी पहुंची है इस दिशा में नौजवानों को आगे आकर रक्तदान में सहयोग करने से किसी की जान को बचाइ जा सकती है।

बीएसएफ जवान की ड्यूटी के दौरान मौत, घर में मचा कोहराम

अरवल । जिले के कलेर प्रखंड के कामता गांव निवासी बीएसएफ जवान की ड्यूटी के दौरान मौत की खबर मिलने से ग्रामीणों में मायूसी का माहौल कायम मिली जानकारी के अनुसार कामता गांव निवासी बैधनाथ शर्मा मणिपुर में ड्यूटी पर तैनात थे इसी दौरान बिजली की करंट लगने से उनकी मौत हो गई मौत की खबर सुनकर उनके परिजनों का बुरा हाल है ग्रामीण भी इस सदमे से पीड़ित हैं।         ग्रामीणों के अनुसार मृतक बीएसएफ जवान की शव शनिवार को कामता गांव पहुंचने की सूचना प्राप्त है मृतक बीएसएफ जवान बैजनाथ शर्मा के दो पुत्र हैं जिनमे एक पुत्र नौकरी करते हैं जबकि दूसरा पुत्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं उनके परिजन अजय शर्मा ने बताया कि मृत्यु की सूचना दूरभाष के द्वारा मिली इसके बाद से जहां परिवार के लोगों में कोहराम मच गया वही ग्रामीणों में शोक का माहौल कायम है वहीं इस घटना की सूचना मिलने के उपरांत भाजपा नेता सह पूर्व प्रमुख कलेर इंजीनियर संजय शर्मा उन्के घर पहुंच कर परिवार जनों को संतावन दिया |और उन्होंने बताया कि इस असामयिक निधन की घटना से हम सभी मर्माहत है वहीं परिजन और ग्रामीण को शव आने की प्रतीक्षा  हैं।

चापाकाल अधिष्ठापन में लापरवाही बरतने के आलोक में पदाधिकारी एवं अभियंताओं के विरुद्ध करवाई

अरवल । जिला पदाधिकारी अरवल श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा चापाकाल अधिष्ठापन में लापरवाही बरतने के आलोक में जिला योजना पदाधिकारी एवं अभियंताओं के विरुद्ध करवाई की गई ।जिला पदाधिकारी द्वारा गर्म मौसम में जल संकट के संदर्भ में लगातार समीक्षात्मक बैठकें एवं वीसी के माध्यम से पीएचईडी एवं स्थानीय क्षेत्र अभियंताओं को नए चापाकल शीघ्र कराने हेतु निदेश दिए गए। साथ ही शीघ्र सभी खराब पड़े हुए चापाकालों की मरम्मती एवं नल जल योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु पीएचईडी के अभियंताओं को निदेशित किया गया। किंतु समीक्षा बैठक में पाया गया की उक्त बिंदुओं पर प्रगति अत्यंत धीमी है। मालूम हो की जिला खनन कोष की राशि से कुल 80 चापाकलों के अधिष्ठापण का निर्णय लिया गया था।   असंतोषजनक प्रगति के कारण की गई कारवाई   जिला योजना पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता एल ए ईओ को निर्गत हुआ स्पष्टीकरण एवं वेतन रोका गया। साथ ही सभी सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के वेतन को रोकते हुए 15 दिनों के भीतर 80 में से शेष सभी 55 चापाकालों के अधिष्ठापन के कड़े निदेेश दिए गए।   संबंधित संवेदक के विरुद्ध स्पष्टीकरण, भुगतान में कटौती एवं डेबर करने के दिए गए निदेश। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को विभागीय दिशानिर्देश के आलोक में कुल 1100 चापाकालों की मरम्मती जून माह में ही पूर्ण करने के दिए गए निदेेश। साथ ही लो वोल्टेज, एवं अन्य कारणों से बाधित नल जल योजना के शीघ्र कार्यान्वयन के निदेश।     कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को नए चपाकलों के अधिष्ठापान के आदेश दिए गए एवं संवेदक द्वारा लापरवाही की स्थिति में उनके विरुद्ध कड़ी कारवाई हेतु आदेशित किया गया।कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, एवं कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद अरवल एवं नगर पंचायत कुर्था को पानी टैंकर के माध्यम से पानी के लेयर भागे हुए क्षेत्रों में पानी आपूर्ति हेतु आदेश दिया गया।

बकरीद पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक का हुआ आयोजन

अरवल । जिला पदाधिकारी अरवल के निदेशानुसार पुलिस अधीक्षक अरवल राजेन्द्र कुमार भील की अध्यक्षता में ईद-उल जोहा (बकरीद) पर्व के अवसर पर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आहूत की गई। बकरीद पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु सभी जन प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा शांति समिति के अवसर पर अपना अपना सुझाव दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष को अपने-अपने क्षेत्र के सभी पंचायतों में निरीक्षण कर संवेदनशील जगहों को चिन्हित करते हुए सौहार्दपूर्ण स्थिति को सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। उनके द्वारा यह भी निदेशित किया गया कि पुलिस प्रशासन अलर्ट रहे, छोटे-छोटे बातों को लेकर साम्प्रदायिक विवाद होने की संभावना हो तो ऐसे स्थानों पर शीघ्र ही दोनो पक्षों से वार्ता स्थापित कर मामले को निस्पादित करें साथ ही अपने वरीय पदाधिकारियों को भी सूचित करें। अपने-अपने क्षेत्रों के अंतर्गत सभी पदाधिकारी तत्पर रहे। बकरीद पर्व में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिए सभी व्यक्तियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर खास नजर रखी जा रही है। असमाजिक व्यक्तियों एवं सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर उनपर कार्रवाई की जायेगी। बकरीद पर्व जिले के लोग शांति, सद्भाव एवं भाईचारा के माहौल में मनाते आ रहे है तथा उसी माहौल में मनाया जायेगा।   बैठक में लोगों के द्वारा मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली से जुड़ी समस्यायों से भी प्रशासन को अवगत कराया गया , जिसके आलोक में जिला प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया की इस संबंध में कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इन समस्यायों को ठीक कर दिया जायेगा। बैठक में उप विकाश आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, सभी दल के प्रतिनिधि के साथ जिला स्तरीय एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।