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दिव्यांगता मूल्यांकन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण पर जोर दिया गया

संशोधित दिव्यांगता मूल्यांकन दिशानिर्देशों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 से 7 मार्च 2025 तक 8वां बैच का उद्धघाटन आज दिनांक ६ मार्च, २०२५ को हॉल नंबर-7, बिस्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर, बिस्वा बांग्ला सारनी, ब्लॉक-डीजी, न्यू टाउन, कोलकाता में किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) द्वारा स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डी.जी.एच.एस.), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंडमान और निकोबार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चिकित्सको को 12 मार्च, 2024 को अधिसूचित संशोधित दिव्यांगता मूल्यांकन दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए प्रशिक्षित करना है, जिसमें दिव्यांगता मूल्यांकन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है। सुश्री संघमित्रा घोष, प्रधान सचिव, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में दिव्यांगजन समाज में अपना पक्ष बेहतर तरीके से रखने की स्थिति में हैं, साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा डिजिटल दिव्यांगता मूल्यांकन की शुरूआत भी की चुकी है। श्री राजीव शर्मा, संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने मुख्यांश सम्बोधन में प्रशिक्षण कार्यक्रम और संशोधित दिव्यांगता मूल्यांकन दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी दी तथा दिव्यांगता मूल्यांकन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और समाज कल्याण विभाग के बीच समन्वय पर जोर दिया। श्री नारायण स्वरूप निगम, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने सम्बोधन में पश्चिम बंगाल सरकार की विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र (यू.डी.आई.डी.) की प्रगति के बारे में जानकारी प्रदान की। उद्दघाटन कार्यक्रम में डॉ. सुनीता मंडल, सहायक महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थीं तथा संबंधित दिव्यांगताओं के विशेषज्ञ डॉ. शेफाली गुलाटी (एम्स, दिल्ली), डॉ. अरुणभा चक्रवर्ती (एल.एच.एम.सी., दिल्ली), डॉ. मीना चंद्रा (आर.एम.एल.एच., दिल्ली), डॉ. पंकज वर्मा (सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली), डॉ. तुफान कांति दोलाई (एन.आर.एस. मेडिकल कॉलेज, कोलकाता), डॉ. मनुश्री गुप्ता (सफदरजंग, अस्पताल, दिल्ली), डॉ. हरि प्रकाश पुरी (आर.एम.एल.एच., दिल्ली), डॉ. मोहित कटारूका (एम्स कल्याणी), डॉ. गौतम कामिला (एम्स, दिल्ली), श्री प्रभाकर उपाध्याय (एल.एच.एम.सी., दिल्ली) दिव्यांगता के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रकाश डालेंगे और संशोधित मूल्यांकन दिशानिर्देशों में उल्लिखित दिव्यांगताओं पर अपने अनुभवों को साझा किया दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय डा. ललित नारायण, निदेशक, राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान, कोलकाता एवं उनकी टीम द्वारा किया गया।

सी.आर.सी.- त्रिपुरा ने सिपार्ड अगरतला में पाँच दिवसीय ऑफ़लाइन आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम का किया आयोजन*

*सी.आर.सी.- त्रिपुरा ने सिपार्ड अगरतला में पाँच दिवसीय ऑफ़लाइन आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम का किया आयोजन* राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान (दिव्यांगजन), कोलकाता, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केन्द्र (सी.आर.सी.) त्रिपुरा द्वारा *पाँच दिवसीय आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम* विषय: *”राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में समावेशी और समान शिक्षा के लिए विशेष शिक्षा शिक्षकों की क्षमता निर्माण”* का सफल आयोजन *सिपार्ड, अगरतला, त्रिपुरा* में किया गया। यह कार्यक्रम *एन.सी.ई.आर.टी., नई दिल्ली और एन.ई.आर.आई.ई, शिलांग* और कार्यरत समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केन्द्र (सी.आर.सी.) त्रिपुरा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया एवं इस कार्यक्रम को *भारतीय पुनर्वास परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली* द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस कार्यक्रम में *49 प्रोफेशनल* भारतीय पुनर्वास परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली में पंजीकृत विशेषज्ञ भाग लिए, भारतीय पुनर्वास परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली, से मान्यता प्राप्त *प्रशिक्षण संस्थानों, विशेष विद्यालयों और समग्र शिक्षा अभियान संस्थानों* में कार्यरत हैं और *पूर्वोत्तर राज्यों के सिक्किम, असम, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा* के विभिन्न कोनों से आए थे। इन सभी प्रतिभागियों के लिए इस पाँच दिवसीय ऑफ़लाइन आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम में *नामांकन, रहने और खाने की उत्तम व्यवस्था और यात्रा निःशुल्क* था। कार्यक्रम का शुभारम्भ *दिनांक 25 फरवरी 2025* को हुआ जिसमे वतौर *मुख्य अतिथि डॉ. अभय कुमार निदेशक,* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.), अगरतला, *विशिष्ठ अतिथि डॉ. ललित नारायण,* निदेशक, राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान (दिव्यांगजन), कोलकाता, *श्री वी. दिनेश कुमार, उप निदेशक (इन्जी)* दूरदर्शन केंद्र, अगरतला, *डॉ. आर. शिल्पा मनोगना, सह आचार्य,* वि.आ.स.शि.वि., रा.शै.अ.प्र.प., नई दिल्ली, *डॉ. अलेन्द्र कुमार त्रिपाठी,* नार्थ ईस्ट समन्वयक & नोडल अधिकारी, सी.आर.सी. – त्रिपुरा एवं *डॉ. अमित कुमार कच्छप,* निदेशक, सी.आर.सी. – त्रिपुरा मौजूद रहे। राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान (दिव्यांगजन), कोलकाता ने आई.आई. आई. टी. अगरतला और सी.आर. सी. – त्रिपुरा के बीच *संयुक्त सहयोग का प्रस्ताव रखा* है, जिससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके पुनर्वास विशेषज्ञों के कौशल को उन्नत किया जा सके। इसके अतिरिक्त, दूरदर्शन केंद्र अगरतला से यह सुझाव दिया गया कि वह *दिव्यांगजन की सफलता की कहानियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री विकसित* करे और इसका प्रसारण करे, जिससे समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिले। इस कार्यक्रम उद्घाटन सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन *डॉ. ललित नारायण, निदेशक* , एन.आई.एल.डी., कोलकाता, के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से *प्रतिष्ठित विशेष शिक्षा क्षेत्र के प्रोफेशनल और विषय विशेषज्ञ* आकर शिक्षण प्रशिक्षण दिया इस पाँच दिवसीय ऑफ़लाइन आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम में कुल *24 सत्रों का संचालन* हुआ। यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर राज्यों के संकाय सदस्यों और पुनर्वास विशेषज्ञों के लिए एक समृद्ध और प्रभावशाली सीखने की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। *दिनांक 1 मार्च 2025* की संध्या को इस कार्यक्रम का समापन वतौर *मुख्य अतिथि डॉ ललित नारायण, निदेशक* राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान (दिव्यांगजन), कोलकाता, *विशिष्ठ अतिथि डॉ प्रकाश सिंह,* नोडल अधिकारी, एलिम्को, नार्थ ईस्ट, *डॉ. आर. शिल्पा मनोगना* , सह आचार्य वि.आ.स.शि.वि., रा.शै.अ.प्र.प., नई दिल्ली, *डॉ. अलेन्द्र कुमार त्रिपाठी,* नार्थ ईस्ट समन्वयक & नोडल अधिकारी, सी.आर.सी. – त्रिपुरा एवं *डॉ. अमित कुमार कच्छप,* निदेशक, सी.आर.सी. – त्रिपुरा के द्वारा हुआ। पूरे कार्यमक्रम को *भारतीय सांकेतिक भाषा में अनुवाद किया गया* कार्यक्रम के अंत में मुख्या अतिथि और विशिष्ट थी के द्वारा सभी प्रतिभागियों को *प्रमाणपत्र वितरित* किया गया और साथ ही साथ सभी प्रतिभागियों को एन.सी.ई.आर.टी.के *प्रशिक्षण किताब और प्रशिक्षण मटेरियल* वितरित किया गया। कार्यक्रम का समापन *राष्ट्रगान* के उपरांत किया गया। इस पूरे पांच पाँच दिवसीय ऑफ़लाइन आवासीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन, *कार्यक्रम समन्वयक श्री नमो नारायण पाठक,* असिस्टेंट प्रोफेसर (विशेष शिक्षा) सी आर सी त्रिपुरा और *डॉ. अलेन्द्र कुमार त्रिपाठी,* नार्थ ईस्ट समन्वयक & नोडल अधिकारी, सी.आर.सी. – त्रिपुरा के द्वारा किया गया।

पुलिस सप्ताह दिवस पर शकूराबाद थाने में नुक्कड़-नाटक का हुआ आयोजन

पुलिस सप्ताह दिवस पर शकूराबाद थाने में नुक्कड़-नाटक का हुआ आयोजन Anjani kumar जहानाबाद रतनी बिहार पुलिस सप्ताह 2025 के तत्वावधान में शकुराबाद थाना में नशा मुक्ति, सामाजिक व सड़क सुरक्षा , बाल विवाह पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर पुलिस पदाधिकारी , कर्मियों व स्कूली बच्चे को जागरूक किया गया।उक्त आशय की जानकारी थानाध्यक्ष मोहन प्रसाद सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि 22 से 28 फरवरी तक पुलिस सप्ताह दिवस मनाया जा रहा है।इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा सरकारी एवं निजी विद्यालयों समेत सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित कर नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, बाल विवाह एवं सामाजिक सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. ताकि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण के साथ शांति व्यवस्था कायम रखा जा सके. जिससे समरस व स्वच्छ समाज की परिकल्पना किया जा सके. उन्होंने कहा कि जब परिवार व समाज स्वच्छ होगा तो राज्य व देश उन्नति के ओर अग्रसर रहेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत डिजिटल इंडिया के तौर पर कार्य कर रहा है।धूम्रपान नशा मुक्ति के लिए सभी को सजग व सतर्क रहने के लिए जन-जन तक जागरूकता फैलानी होगी. ताकि इस पर अंकुश लगाया जा सके। शकुराबाद थाना में जहानाबाद जत्था क्लव टीम के द्वारा नुक्कड़-नाटक की प्रस्तुति कर लोगों को जागरूक किया गया । थानाध्यक्ष द्वारा इस पहल को सामाजिक जागरूकता में बेहतर कार्य को लेकर नुक्कड़ नाटक टीम एवं स्कूली बच्चों को पुरस्कृत किया गया । मौके पर मुकेश कुमार, अरबिंद कुमार, सुनील कुमार, पुष्पा देवी, रमेश कुमार, सुधीर कुमार, दिग्विजय शर्मा सहित स्कूली बच्चा उपस्थित रहे ।

पुलिस सप्ताह दिवस पर रतनी प्रखंड में नुक्कड़ नाटक का हुआ आयोजन

पुलिस सप्ताह दिवस पर शकूराबाद थाने में नुक्कड़-नाटक का हुआ आयोजन अंजनी कुमार जहानाबाद बिहार पुलिस सप्ताह 2025 के तत्वावधान में शकुराबाद थाना में नशा मुक्ति, सामाजिक व सड़क सुरक्षा , बाल विवाह पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर पुलिस पदाधिकारी , कर्मियों व स्कूली बच्चे को जागरूक किया गया।उक्त आशय की जानकारी थानाध्यक्ष मोहन प्रसाद सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि 22 से 28 फरवरी तक पुलिस सप्ताह दिवस मनाया जा रहा है।इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा सरकारी एवं निजी विद्यालयों समेत सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित कर नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, बाल विवाह एवं सामाजिक सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. ताकि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण के साथ शांति व्यवस्था कायम रखा जा सके. जिससे समरस व स्वच्छ समाज की परिकल्पना किया जा सके. उन्होंने कहा कि जब परिवार व समाज स्वच्छ होगा तो राज्य व देश उन्नति के ओर अग्रसर रहेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत डिजिटल इंडिया के तौर पर कार्य कर रहा है।धूम्रपान नशा मुक्ति के लिए सभी को सजग व सतर्क रहने के लिए जन-जन तक जागरूकता फैलानी होगी. ताकि इस पर अंकुश लगाया जा सके। शकुराबाद थाना में जहानाबाद जत्था क्लव टीम के द्वारा नुक्कड़-नाटक की प्रस्तुति कर लोगों को जागरूक किया गया । थानाध्यक्ष द्वारा इस पहल को सामाजिक जागरूकता में बेहतर कार्य को लेकर नुक्कड़ नाटक टीम एवं स्कूली बच्चों को पुरस्कृत किया गया । मौके पर मुकेश कुमार, अरबिंद कुमार, सुनील कुमार, पुष्पा देवी, रमेश कुमार, सुधीर कुमार, दिग्विजय शर्मा सहित स्कूली बच्चा उपस्थित रहे ।

*बेहद शर्मनाक घटना झारखंड में तीन नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म* *

*बेहद शर्मनाक घटना झारखंड में तीन नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म* * *लड़काें के चुगुल में फंसी तीनाें नाबालिग भागने में सफल रहीं। पुलिस एक दर्जन से अधिक लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही* *रांची खूंटी के रनिया थाना क्षेत्र के उलिहातू गांव से निचितपुर जाने वाले रास्ते में कारो नदी के पास तीन आदिवासी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला रविवार काे प्रकाश में आया है। तीन नाबालिग से दुष्कर्म की घटना काे लगभग 12 से अधिक नाबालिग किशोरों ने अंजाम दिया है।* *लड़काें के चुगुल में फंसी तीनाें नाबालिग भागने में सफल रहीं। पुलिस एक दर्जन से अधिक लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।* *लोटा पानी कार्यक्रम में शामिल होने गयी थी लड़किया* *पीड़ित सभी लड़कियां खूंटी की रहने वाली हैं और लोटा पानी(विवाह के पूर्व एक कार्यक्रम) में शामिल होने के लिए रनिया थाना क्षेत्र के एक घर में गयी थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पांचो लड़कियां एक साथ घर लौट रही थी।* *रास्ते में कारो नदी के पास लगभग एक दर्जन से ज्यादा लड़के पीछा करते हुए वहां पहुंचे। उन्होंने पांचो लड़कियों को अपने कब्जे में ले लिया और अलगःअलग ग्रुप बनाकर चारो लड़कियों को अलग-अलग जगह पर ले गये।* *तीन लड़कियों ने दुष्कर्म की पुष्टि की है,जबकि एक लड़की का बयान नहीं लिया जा सका है। वह गांव में नहीं थी।* *

एरिया कमांडर नक्सलीअनिल भुइयां गिरफ्तार , पुलिस को मिली बड़ी सफलता*

*एरिया कमांडर नक्सलीअनिल भुइयां गिरफ्तार , पुलिस को मिली बड़ी सफलता* *भाकपा माओवादी से अलग हुए संगठन टीएसपीसी का सदस्य गिरफ्तार, अनिल भुइयां सात वर्षों से कई मामलों में वांछित था* *झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीया सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी TSPC के एक वांछित नक्सली अनिल भुइयां 35 वर्ष को गिरफ्तार किया है* *विश्रामपुर थाना क्षेत्र में पकड़ा गया* *पुलिस अधिकारियों के अनुसार भुइयां पिछले सात वर्षों से फरार था और पुलिस को उसकी तलाश थी।* *शुक्रवार रात जब वह अपने परिवार से मिलने विश्रामपुर थाना क्षेत्र के घासीदाग इलाके में पहुंचा, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।* *विश्रामपुर थाना प्रभारी सौरव कुमार ने कहा सूचना के आधार पर पुलिस टीम गठित की गई और उसे दबोच लिया गया।* *2018 की मुठभेड़ में निभाई थी बड़ी भूमिका* *पुलिस के मुताबिक, भुइयां 2018 में पलामू के मोहम्मदगंज में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल था। वह उस हमले का प्रमुख साजिशकर्ता और नेतृत्वकर्ता था।* *संगठन के लिए सक्रिय रूप से कर रहा था काम* *गिरफ्तारी से पहले, भुइयां टीएसपीसी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और संगठन को नए सदस्य जोड़ने में मदद कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह क्षेत्र में संगठन के विस्तार और अवैध वसूली में भी शामिल था।* *पुलिस कर रही आगे की पूछताछ* *फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह अब तक किन गतिविधियों में संलिप्त था और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में क्या जानकारी दे सकता है।*  

*SNMMCH धनबाद अस्पताल के लिफ्ट में फंसा रहा युवक , हंगामा* *धनबाद / झारखंड*

*SNMMCH धनबाद अस्पताल के लिफ्ट में फंसा रहा युवक , हंगामा*     *एसएनएमएमसीएच की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है* *हीरापुर निवासी ऋषभ कुमार यहां लगभग घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा* *जिले के सबसे बड़े अस्पताल एसएनएमएमसीएच की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. हीरापुर निवासी ऋषभ कुमार यहां लगभग घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा. युवक अपने पिता, जो पैर टूटने के कारण ऑर्थो विभाग में भर्ती हैं उन के लिए खाना लेकर आया था. लिफ्ट में फंस जाने के बाद ऋषभ को बाहर निकालने के लिए उसकी मां आधे घंटे तक लोगों से गुहार लगती रही. हंगामा करने के बाद अस्पताल प्रबंधन की नींद टूटी व बिजली काट कर लिफ्ट को खोला गया. ऋषभ ने लिफ्ट से बाहर आकार बताया कि लिफ्ट में घुसने के बाद ही लिफ्ट जाम हो गया. लगभग आधे घंटे तक लिफ्ट का अलार्म बजने के बाद भी किसी ने लिफ्ट का दरवाजा नहीं खोला. वहीं लिफ्ट के अंदर उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी. युवक की मां ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया था. इसमें प्रबंधन की लापरवाही साफ दिखती है*

चतरा में 15 लाख के इनामी नक्सली आक्रमण गंझू गिरफ्तार*

*चतरा में 15 लाख के इनामी नक्सली आक्रमण गंझूगिरफ्तार*     *चतरा – 15 लाख का इनामी टीएसपीसी कमांडर गिरफ्तार। 05 राज्यों में 60 से ज्यादा हमलों में था शामिल, पुलिस से कई बार की थी मुठभेड़। प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के सेकेंड सुप्रीमों सह हार्डकोर ईनामी नक्सली रविन्द्र गंझू उर्फ आक्रमण गंझू को पुलिस ने किया है गिरफ्तार। प्रतापपुर थाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी। आधिकारिक पुष्टि नहीं, सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर। कोयलांचल के चर्चित टेरर फंडिंग समेत दर्जनों दुर्दांत मामलों में एनआईए व चतरा समेत झारखंड, बिहार, बंगाल व उड़ीसा राज्य की विभिन्न थानों की पुलिस को थी लंबे समय से आक्रमण की तलाश। है। दुर्दांत आक्रमण के नाम से खौफ खाते थे लोग, गिरफ्तारी की खबर के बाद लोगों ने ली राहत की सांस। सुप्रीमों ब्रजेश गंझू के बाद संभालता था संगठन का जिम्मा, एके–47 जैसे अत्याधुनिक हथियार लेकर घूमता था आक्रमण। आक्रमण की गिरफ्तारी से संगठन को लगा बड़ा झटका, खुल सकते हैं कई राज। गुप्त स्थान पर रखकर आक्रमण से पूछताछ कर रही पुलिस।* *

विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्य समिति बैठक प्रारंभ*

विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्य समिति बैठक प्रारंभ*   तीन दिवसीय प्रांत बैठक मारवाड़ी धर्मशाला, रामगढ़ में 22 फरवरी से 24 फरवरी तक चलेगा। बैठक की अध्यक्षता चन्द्रकांत रायपत ने की। इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल ,मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी एवं विहिप के अन्य सभी आयाम के प्रान्त, ज़िला अधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए। इस बैठक की शुरुआत दीप प्रज्वलित, एकात्मता मंत्र, परिचय के साथ शुरू हुआ । बैठक के उद्बोधन भाषण में अम्बरीष जी ने कहा कि महाकुंभ मेला समरसता का महापर्व देखने को मिला इस महाकुंभ में विराट हिंदू समाज का पुनर्निर्माण हुआ है, हमलोग एक हैं इसलिए हमारी परंपरा एक हैं हमारे देवी देवता एक हैं, हम सब एक सम्मान हैं. जब जन्म के आधार पर कोई बड़ा हो गया जन्म के आधार पर कोई छोटा हो गया था इसलिए हम गुलाम हो गए थे. इस गुलामी में अपने बहुत सारे विचारों के लोग समाप्त हो गए। परंतु गंगा स्नान बंद नहीं हुआ, कुंभ मेला बंद नहीं हुआ, मंदिर बंद नहीं हुआ, हमारे कर्मकांड बंद नहीं हुए। श्री अम्बरीष जी ने कहा कि संत महंतों की यात्रा प्रारंभ रही, शक्ति पीठ यात्रा, चार धाम यात्रा चलता रहा जो लोग इस यात्रा में शामिल नहीं हो रहे हैं, धर्म को बचाने के लिए ये यात्रा बहुत जरूरी है आज बहुत से स्थान में धर्मांतरण हो रहे हैं समाज को फिर से छोटे छोटे टुकड़ों में फिर से बांटने का कार्य किया जा रहा है श्री सिंह धर्मांतरण, लव जिहाद, घुसपैठ, लैंड जिहाद पर चिंता व्यतीत किए। तीन दिवसीय इस बैठक में सभी जिला में विगत 6 माह में किए गए कार्यो की समीक्षा की जाएगी तथा अगामी होने वाले कार्यक्रम के सन्दर्भ में योजना बनाई जानी हैं l इस बैठक में अम्बरीष जी केंद्रीय मंत्री सह विशेष संपर्क प्रमुख, वीरेंद्र विमल पटना क्षेत्रीय मंत्री, बीरेंद्र साहू चंद्रकांत रायपत प्रांत अध्यक्ष,तिलक राज मंगलम प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष,गंगा प्रसाद यादव प्रांत उपाध्यक्ष, राजेंद्र मुंडा प्रांत उपाध्यक्ष, मिथिलेश्वर मिश्र प्रांत मंत्री,देवी सिंह प्रांत संगठन मंत्री, मनोज पोद्दार प्रांत सह मंत्री, रंगनाथ महतो प्रांत संयोजक सह प्रान्त सहमंत्री,कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, मार्गदर्शक मंडल संयोजक, देवेन्द्र गुप्ता अर्चक पुरोहित प्रांत प्रमुख, प्रांत मनोज पांडे मंदिर अर्चक पुरोहित प्रांत सहप्रमुख, कमलेश सिंह प्रांत गौ रक्षा प्रमुख, दीपक ठाकुर प्रांत गौ रक्षा सहप्रमूख,प्रकाश रंजन प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख, संजय चौरसिया धर्म प्रसार ,सच्चिदानंद धर्म प्रसार सहप्रमूख , रंजन कुमार सिंह सत्संग सहप्रमूख, कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी विभाग संयोजिका, रामनरेश सिंह एवं अन्य प्रांत, विभाग,जिला प्रखंड के दायित्व कार्यकर्ता मौजूद थे।

समावेशी सेटअप में भारतीय सांकेतिक भाषा” पर व्याख्यान दिया और सांकेतिक भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।

सीआरसी पटना में “एनईपी 2020 के प्रकाश में समतामूलक और समावेशी शिक्षा” पर भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित, पाँच दिवसीय विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न सीआरसी पटना में “एनईपी 2020 के प्रकाश में समतामूलक और समावेशी शिक्षा पर विशेष शिक्षा शिक्षकों की क्षमता निर्माण” विषय पर पाँच दिवसीय आवासीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सीआरसी पटना के सहयोग से शिक्षा विभाग (विशेष आवश्यकताओं वाले समूहों के लिए) (DEGSN), एनसीईआरटी और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लोकोमोटर डिसएबिलिटीज (NILD), कोलकाता द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के विशेष शिक्षा शिक्षकों ने भाग लिया, ताकि वे समावेशी कक्षाओं के प्रबंधन और विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझने में अपने कौशल को विकसित कर सकें। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा एनईपी 2020 के तहत समावेशी शिक्षा, भारतीय सांकेतिक भाषा, सहायक प्रौद्योगिकी, शिक्षण रणनीतियाँ और दिव्यांगजनों के लिए नीति निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में सीआरसी पटना की निदेशक, डॉ. प्रियदर्शिनी ने “समावेशी सेटअप में भारतीय सांकेतिक भाषा” पर व्याख्यान दिया और सांकेतिक भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, डॉ. माधवी शर्मा (डीन एवं प्रोफेसर) और डॉ. जी. बालाजी (एसोसिएट प्रोफेसर, DEGSN) ने भी शिक्षकों को समावेशी शिक्षण तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के दिव्यांगजन निदेशालय के निदेशक, श्री योगेश कुमार सागर (आईएएस) थे। इस अवसर पर विभाग के उप निदेशक श्री भुवन कुमार और पूर्व दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के सशक्तिकरण के लिए सीआरसी पटना की पहल की सराहना की और इस तरह के कार्यक्रमों को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और सीआरसी पटना के साथ मिलकर इन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। समापन समारोह का स्वागत उदबोधन NILD कोलकाता के प्रतिनिधि श्री अलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, जो कि इस कार्यक्रम के समन्वयक थे, के द्वारा किया गया। डॉ ललित नारायण, निदेशक NILD कोलकता के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ ललित नारायण ने प्रथम दिवस में स्वयं उपस्थिति होकर उद्बोधन भी दिया एवं शुरुआत के तीन दिनों में कार्यक्रम के आयोजन में हर तरह से सहयोग व मार्गदर्शन दिया । कार्यक्रम के अंत में, सीआरसी पटना की निदेशक, डॉ. प्रियदर्शिनी ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगी संगठनों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी समावेशी शिक्षा के लिए इस तरह के प्रशिक्षण जारी रखने का संकल्प लिया।