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डॉ.हरेराम सिंह को मिला कविवर पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ सम्मान

बिक्रमगंज। डॉ.हरेराम सिंह को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन-पटना ने हिन्दी भाषा एवं साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए सम्मेलन के 42 वें महाधिवेशन में ” कविवर पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ सम्मान से विभूषित किया। यह सम्मान अध्यक्ष बिहार विधान सभा माननीय श्री अवध बिहारी चौधरी व बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ.अनिल सुलभ के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया।   इस मौके पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पदाधिकारियों सहित जाने-माने साहित्यकारों, हिन्दी प्रगति समिति अध्यक्ष व बिहार गीत के रचयिता सत्यनाराण, पूर्वकुलपति मंडल विश्वविद्याल मधेपुरा डॉ.अमरनाथ सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.सीपी ठाकुर, अतिथि प्रोफेसर केंद्रीय वि.वि.ओडिसा डॉ.जंगबहादुर पाण्डेय मौजूद थे। बताते चले कि डॉ.हरेराम सिंह तेरह वर्ष की उम्र से लगातार लिखते आ रहे हैं और अब तक चालीस पुस्तकें लिख चुकें हैं। इनकी महत्वपूर्ण पुस्तकों में ” हाशिए का चाँद”, “रात गहरा गई” है! “मेरे गीत याद आयेंगे”, “इतिहास के पन्ने”, ” जामुन का पेड़” , ” जड़ से काटी गई स्त्री” आदि एक दर्जन कविता-संग्रह, “डॉ.ललन प्रसाद सिंह, जीवन और साहित्य” , “हिंदी आलोचना का प्रगतिशील पक्ष”, “हिंदी आलोचना का जनपक्ष”, “किसान जीवन की महागाथा: गोदान और छमाण”, “डॉ.गोवर्द्धन सिंह की आलोचना-दृष्टि”, ” हिन्दी आलोचना : एक सम्यक् दृष्टि “(आलोचना-ग्रंथ) कनेर के फूल, अधूरी कहानियाँ (कहानी-संग्रह) आदि महत्वपूर्ण हैं।   डॉ.हरेराम सिंह का जन्म 30 जनवरी 1988 ई. को बिहार के रोहतास जिला के करुप ईंगलिश गाँव में हुआ। ये बचपन से ही मेधावी थे। किसान, मजदूरों, दलितों के प्रति करुणा की भावना इनमें सदा से रही। इनके दादा लाल मोहर सिंह कुशवंशी एक अच्छे किसान के साथ, जड़ी-बूटी से ग्रामीण जन का आजीवन उपचार करते रहे। इनके नाना-नानी भी इन्हें बहुत प्यार करते थे।   किंतु बाद में कई मुसीबतों व आर्थिक अभाव के कारण कठोर परिश्रम करना पड़ा; फिर भी ये लगातार लिखते रहे। ग्रामीण बच्चे को ये निशुल्क शिक्षा भी देने का किम किए। ये उच्च माध्यमिक विद्यालय नासरीगंज में प्लस टू के हिन्दी अध्यापक भी हैं। इनकी कविताओं में आमजन की पीड़ा के साथ उनके लिए न्याय निमित लड़ते रहने का उद्घोष भी है। इनपर बुद्ध व मार्क्स का गहरा प्रभाव है। इनकी कविताएँ केदारनाथ सिंह की शैली मिलती-जुलती हैं। इनकी आलोचना पद्धति रामचंद्र शुक्ल व नामवर सिंह की बीच की कड़ी है।

संत एसएन ग्लोबल स्कूल बिक्रमगंज में इंटर हाउस शतरंज और कैरम प्रतियोगिता का आयोजन, प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

संत एसएन ग्लोबल स्कूल बिक्रमगंज में दो से छह मई तक इंटर हाउस शतरंज और कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके विजताओं को मंगलवार को स्कूल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया।   स्कूल के निदेशक प्रकाश आनंद ने कहा कि इस तरह के प्रतियोगिता का आयोजन करने का मुख्य मकसद है बच्चों के फिजिकल और मेंटल हेल्थ में सुधार करना। वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल सुखविंदर कौर तिरुआ ने कहा कि इस तरह के प्रतियोगिता के आयोजन से बच्चों में कंपीटशन का भाव डेवलप होता है, जिससे वे हमेशा बेहतर करने के लिए प्रयास करते हैं। साथ ही बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास होता है।   प्रतियोगिता में स्कूल के सभी चारों हाउस ने भाग लिया, जिसमें सबसे ज्यादा 20 प्वाइंट लाकर लॉयल्टी हाउस पहले स्थान पर रही। वहीं 15 प्वाइंट के साथ इंटीग्रिटी हाउस दूसरे स्थान पर, तो 10 प्वाइंट्स के साथ पीस एंड करजे हाउस तीसरे स्थान पर रही। इंटर हाउस नॉन फायर कंपटीशन में क्लास तीन के सोमराज को प्रथम स्थान मिला। पांचवीं क्लास की ओजस्वी सिंह, अंकुर राज, मयंक कुमार, लव कुमार व शिवा प्रवीण कुमार दूसरे स्थान पर रहे। क्लास एक के उर्जित पटेल तीसरे स्थान पर, तो क्लास एक की ही शौर्य कुमारी चौथे स्थान पर रही।   वहीं, क्लास दो के रघुबीर यादव, पांचवीं की रिया कुमारी, क्लास एक के आशुतोष आनंद, चौथी क्लास के शुभम कुमार व चौथी क्लास के ही अनूप कुमार को कैंसिलेशन प्राइस मिला। इसके अलावा इंटर हाउस कैरम कंपटीशन में दसवीं के अभिषेक, वर्तिक और आठवीं के रोहित कुमार व क्लास छह की मनीषा कुमारी को सम्मानित किया गया। साथ ही इंटर हाउस चेस प्रतियोगिता के विजेता नौवीं क्लास के अंकित राज, आठवीं के आदित्य कुमार व आठवीं की रिचा भारती को सम्मानित किया गया।   इस मौके पर समन्वयक अखिलेश कुमार, नरेश छत्री, अनूज सुब्बा, प्रतिक्षा सुब्बा, संतोष सिंह, अनामिका, रजनीकांत, विकास राय समेत अन्य मौजूद थे।”

महाराणा प्रताप के बलिदान की गाथाएं आज भी देश में गूंजती है : डॉ० मनीष

बिक्रमगंज शहर के वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर में मंगलवार को भारत के वीर सपूत महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गयी। इस अवसर पर महाविद्यालय कर्मियों ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा सीनेट सदस्य डॉ० मनीष रंजन के नेतृव में उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।   इस अवसर पर डॉ० मनीष रंजन ने उन्हें याद करते हुए कहा कि देश के महान सपूत और वीर योद्धा महाराणा प्रताप साहस, शौर्य, स्वाभिमान और पराक्रम के प्रतीक हैं। जिनके मार्गदर्शन से देशवासियों को सदा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती है।   महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत 1597 तदनुसार 9 मई 1540 ई० जनवरी 1957 ई० उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिये अमर है। जो भारत के महान शूरवीर सपूतों में एक थे। वीरों के वीर महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया जिनके शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथाएं आज भी देश में चारों ओर गूंजती है।   जिनका जन्म 9 मई 1540 ई० में राजपूत राज परिवार में हुआ था। जिनके पिता उदय सिंह मेवाड़ा वंश के शासक थे। ज्ञात हो कि शूरवीर महाराणा प्रताप ने मुगलों के अतिक्रमणों के खिलाफ असीमित लड़ाईयां भी लड़ी थी। जहां अकबर को तो उन्होंने 1577, 1578ई० और 1579ई० युद्ध में तीन बार बुरी तरह हराया था। जबकि मौके पर उपस्थित बिक्रमगंज नगर परिषद के भावी सभापति प्रत्याशी विकास उर्फ सरसठ सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप अपने जीवन काल में जंगल में घास की रोटी खाते हुए जमीन पर सोकर रातें गुजारते थें। लेकिन अकबर के सामने कभी हार नहीं मानी। यह भी कहा जाता है कि महाराणा प्रताप अपनी तलवार से दुश्मनों के एक झटके में घोड़े सहित दो टुकड़े कर देते थे। वही जयंती पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके मार्गदर्शक पर चलने का संकल्प भी लिया।   इस अवसर पर प्राचार्य डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह, प्रो०-वीर बहादुर सिंह, उमा सिंह, बलवंत सिंह, अनिल सिंह, दिनेश सिंह, सुनील सिंह, दिनेश पाठक अजय सिंह, विवेक सिंह, अरविंद सिंह, सरिता कुमारी, प्रतिमा कुमारी, शशि कुमार, रंजीत कुमार, अजय मिश्र, रामकुमार मिश्रा,अभय कुमार सिंह, रमेश सिंह, विवेक कुमार, मंटू चौधरी, रोहित तिवारी, रवि प्रकाश, परवेज खां, शशि भूषण प्रसाद सहित भाजपा नेता-सुनील सिंह, रमाशंकर सिंह, अजीत सिंह, भीम पांडेय, मुन्ना सिंह, आलोक पासवान, रमाकांत, श्याम बिहारी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थें।

कृषि विज्ञान केन्द्र रोहतास बिक्रमगंज के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के पद पर डा शोभा रानी ने किया योगदान

 कृषि विज्ञान केंद्र, रोहतास बिक्रमगंज के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के पद पर डॉ शोभा रानी ने योगदान किया। डॉ शोभा रानी, गृह विज्ञान, प्रसार शिक्षा विषय से पीएचडी हैं एवं कृषि विज्ञान केंद्र जहानाबाद में वर्ष 2012 से वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के रूप में कार्यरत थीं।   उन्होंने पदभार ग्रहण करने के उपरांत कृषि विज्ञान केंद्र, रोहतास द्वारा चलाए जा रहे सभी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अध्ययनरत वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के छात्रों से वार्तालाप की और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां दी।   उन्होंने जिले के कृषकों को हर संभव कृषि उपयोगी जानकारियां, प्रशिक्षण, अनुसंधान, बीज इत्यादि की ससमय उपलब्धता को सुनिश्चित करने हेतु कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा न्यूट्रीगार्डन एवं मोटे अनाजों के उत्पादन एवं उसके व्यवहार पर विशेष कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने इस वर्ष कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु माली, वर्मी कंपोस्ट एवं मशरूम विषय पर कराने का निर्देश दिया। कृषि विज्ञान केंद्र, रोहतास के वैज्ञानिकों एवं कर्मियों के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और इसी जज्बे को आगे भी कायम रखने की सलाह दी।   कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों डा आरके जलज, डॉ रतन कुमार, डॉ रामाकांत सिंह एवं कार्यालय कर्मियों में प्रवीण पटेल, अभिषेक कौशल, एचपी शर्मा, सुबेश कुमार इत्यादि ने उनका स्वागत किया।

बिक्रमगंज में भी बनेगा कुशवाहा सभा भवन, गरीब बच्चों के पढ़ने, शादी विवाह में मिलेगी सहायता

डिहरी सासाराम की तर्ज पर अब बिक्रमगंज में भी बनेगा कुशवाहा सभा भवन। जिसे ले प्रखंड क्षेत्र के मलियाबाग में एक बैठक किया गया। बैठक में सेवानिवृत्त बीडीओ सह कुशवाहा सभा भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष हीरालाल सिंह ने बताया कि बिक्रमगंज तेंदुनी के आरा रोड़ में कुशवाहा नगर में कुशवाहा भवन बनाने के लिए सर्वसम्मति से जमीन का चयन किया गया है। जिसकी कागजी कार्रवाई जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। 6 डिसमिल जमीन पर कुशवाहा भवन बनाया जाएगा।   जिसमें गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए आवासीय कमरे, शादी विवाह समेत अन्य कार्यक्रम हेतु मैरेज हाल, आदि की सुविधाएं रहेंगी। भवन बनाने का उद्देश्य गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा, रोजगार व गरीब लोगों के कन्याओं के शादी समेत अन्य जनसरोकार के रूप में किया जाएगा। निर्माण हेतु 25 सक्रिय सदस्य समेत लगभग एक हजार सदस्य बनाया गया है। जिसे और बढ़ाया जा रहा है।   वहीं बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा किया गया। मौके पर कुशवाहा भवन निर्माण समिति के सक्रिय सदस्य संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह, डा रामसुरेश सिंह, रिश्ते सिंह कुशवाहा, नंदाजी सिंह, प्रो सुरेन्द्र सिंह, सुरेश सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार मौर्य सहित कई लोग मौजूद थे।

भूमि विवाद से संबंधित मामलों को किया गया निष्पादन

अरवल जिला प्रशासन की ओर से सभी थाने मे शनिवार को लगाया जाता है । जनता दरवार में जमीन से संबंधित मामले को थाना अध्यक्ष एवं अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी के देखरेख में मामले को समाधान किया जाता है।   वही शहर तेलपा थानाध्यक्ष एवं रामपुर चौरम थाना अध्यक्ष मनोज कुमार एवं विवेक कुमार के देखरेख में राजस्व कर्मचारी के साथ कई जमीनी विवाद को निपटारा किया गया।   रामपुर चौरम थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि खभैनी का दो जमीनी विवाद एवं पहले से लंबित एक विवाद को निष्पादन किया गया। वही शहर तेलपा में अनेकों मामला नया एवं पुराना था। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर एक कागज तैयार की गई जिसमें खुशी-खुशी लोग दोनों पक्ष मानकर घर लौटे l वही दोनों पक्षों ने कहा कि अब हम लोगों का जमीन का विवाद नहीं रहा l

श्री हनुमंत प्राण प्रतिष्ठा अखंड सह यज्ञ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

अरवल।  सकरी मदन सिंह के टोला पर श्री हनुमत प्राण प्रतिष्ठा अखंड एवं यज्ञ आज से 10 मई 2023 तक आयोजन किया जा रहा है। नवनिर्मित भगवान बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकली कलश यात्रा मे शामिल हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र तिवारी, भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता श्री सत्येंद्र कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय पासवान, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गुड्डू चंद्रवंशी, भाजपा जिला मंत्री टोनू कुमार मिश्रा, जिला प्रवक्ता जितेश सिंह, रामकुमार तिवारी, युवा मोर्चा जिला मंत्री विकास यादव, मुन्ना तिवारी, नीरज पांडे, भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि नवनिर्मित बजरंगबली के मंदिर में भगवान बजरंगबली की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई।   जिसमें काफी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने कलश उठाया। मंदिर में विधिवत पूजा पाठ के बाद कलश यात्रा मंदिर परिसर मदन सिंह के टोला से शुरू होकर दुना छपरा सोन नदी में पहुंचे। आचार्य श्री श्री 108 रामपत्याचार्य स्वामी जी द्वारा विधिवत पूजा अर्चना और मंत्रोच्चारण के बाद श्रद्धालुओं ने अपने-अपने कलश में जल भरा। पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं जय बजरंगबली जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।   कलश यात्रा के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पंकज सिंह, वीरेंद्र चौधरी, राहुल सम्राट, रंजन कुमार भोला यादव, अजीत साहनी कुमार, पटेल प्रमोद सिंह, विनोद एवं सभी ग्रामीणों के सहयोग से भव्य बजरंगबली मंदिर का निर्माण कराया गया है।

सभी कार्यकर्ता मजबूती के साथ अरवल ग्रामीण मंडल में काम करेंगे – धर्मेंद्र तिवारी

अरवल। भाजपा ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष गुड्डू चंद्रवंशी के द्वारा मण्डल कमिटी का विस्तार किया गया। मण्डल उपाध्यक्ष के दायित्व पर मणि शर्मा, प्रवीण कुमार, नीरज गुप्ता, शर्मिला देवी, राधा देवी, सनिल तिवारी मण्डल महामंत्री के दायित्व पर शिव शंकर यादव, राम कुमार मिश्रा, मण्डल मंत्री के दायित्व पर विकाश कुमार, रवि सिंह, सिद्धेश्वर साव, पूजा देवी, अतुल कुमार शर्मा, भोला शर्मा, मण्डल कोषाध्यक्ष के दायित्व पर संतोष वर्मा को मनोनीत किया गया ।   वहीं मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष में युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल कुमार, किसान मोर्चा सूरज कुमार, महिला मोर्चा ममता कुमारी, अतिपिछड़ा मोर्चा अनुज कुमार, अनुसूचित जाति मोर्चा राहुल पासवान को मनोनीत किया गया ।   इस घोषणा के पश्चात अरवल ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष गुड्डू चंद्रवंशी ने सभी नव मनोनित सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि हमने सभी जाति धर्म के लोगों का ख्याल रखते हुए मण्डल कमिटी का विस्तार किया है, मण्डल कमिटी के विस्तार में महिलाओं की भागीदारी कैसे सुनिश्चित हो इसकी भी चिंता करते हुए महिलाओं को भी दायित्व दिया है।   वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने सभी नव मनोनित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए सभी कार्यकर्ता मजबूती के साथ अरवल ग्रामीण मण्डल में काम करेंगे और अरवल ग्रामीण भाजपा को मजबूत और सशक्त बनाएंगे। आशा है आप सभी अपने दायित्वों का निर्वहन बखूबी करेंगे और अरवल ग्रामीण मण्डल भाजपा को मजबूत बनाने में संगठन को शक्ति प्रदान करेंगे । बधाई देने वालों में जिला उपाध्यक्ष शंकर सिंह, सुनीता सिन्हा, भास्कर कुमार, जिला महामंत्री कुशवाहा चन्दन, अतिपिछडा मोर्चा जिला अध्यक्ष रामछापित बिंद सहित कई लोगो ने बधाई दिया ।

बारात से लौटने के क्रम में ससुर और दामाद हुआ घायल

अरवल। थाना क्षेत्र के पुराना मोड़ के पास बारात से लौट रहे मोटरसाइकिल चालक ससुर दमाद को अज्ञात बोलेरो ने टककर मार कर घायल कर दिया एवं बोलेरो चालक गाड़ी लेकर भागने में सफल रहा।   बताया जा रहा है कि पुरानिया गांव निवासी 35 वर्षीय बिजेंदर पासवान, 22 वर्षीय उसके दामाद रंजीत कुमार एवं 8 वर्षोये सोनू कुमार तीनों एक ही मोटरसाइकिल पर औरंगाबाद जिले के मलहद गांव शुक्रवार को बरात गए थे और शनिवार को बरात से लौटने के क्रम में जोरदार पुरान मोड़ के पास पीछे से मोटरसाइकिल में बोलेरो गाड़ी टककर मार दिया।   रोड पर घायल देख आने जाने वाले यात्रियों ने 112 गाड़ी को सूचना दिया । मौके पर 112 के गाड़ी पहुंचकर घायल लोग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करपी में पहुंचाया। जिसका इलाज किया जा रहा है वही डॉक्टर कृष्णा आशीष ने बताया कि दोनों आदमी का स्थिति खतरे से बाहर है l इलाज के बाद घर भेज दिया गया l

उच्चतर माध्यमिक अतिथि शिक्षकों का माह जनवरी से वेतन लंबित

अरवल। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का वेतन जनवरी माह से अब तक लंबित है। शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 19-04- 2023 को आवंटन उपलब्ध कराने के पश्चात भी अरवल जिला में अतिथि शिक्षकों का वेतन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा अभी तक नहीं किया जा रहा है ।   अतिथि शिक्षक संघ शिष्टमंडल कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से ज्ञापन भी दिया परंतु विगत 4 माह से अतिथि शिक्षकों का वेतन नहीं किया गया है। शिक्षक परिवार दैनिक भोगी होने के कारण अपने मासिक वेतन पर ही आश्रित है। परंतु जनवरी माह के पश्चात आवंटन खत्म हो जाने से अतिथि शिक्षकों का वेतन नहीं किया गया, अप्रैल माह में आवंटन प्राप्त होने के पश्चात भी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा अतिथि शिक्षकों का वेतन लंबित रखा जा रहा है जो कि शिक्षकों के प्रति अरवल शिक्षा विभाग के रवैया को दर्शाता है।   पूर्व में भी अरवल जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा 34 अतिथि शिक्षकों को उनके कार्य से मुक्त कर दिया गया था परंतु न्यायालय के द्वारा सभी अतिथि शिक्षकों को पुनः योगदान कराया गया। जिससे जिले में अतिथि शिक्षकों की संख्या 74 हो गई है परंतु शिक्षा विभाग द्वारा इस बार भी 58 अतिथि शिक्षकों का पारिश्रमिक उपलब्ध कराया गया है।   यही स्थिति अरवल जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा उत्पन्न की गई। अत्यंत गंभीर स्थिति है जिससे अतिथि शिक्षक लगातार परेशान किए जा रहे हैं समय पर वेतन उपलब्ध नहीं कराना और जिला शिक्षा कार्यालय की कार्यशैली से शिक्षक लगातार परेशान होते आ रहे हैं। जिला शिक्षा कार्यालय में कार्यालय कर्मियों द्वारा कार्य को विलंब से करना एक सामान्य हो गया है। जिसका जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं किया जाता है