*हाथों में गुलाब और ‘शुक्रिया मोदी जी’ के बैनर , वक्फ बिल के समर्थन में सड़कों पर उतरीं बुर्का पहनीं महिलाएं , ढोल-नगाड़े भी बजे*
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*यह भारत के लोकतंत्र की जीत है – AISSC के अध्यक्ष सैयद नसरुद्दीन चिश्ती
*नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया. बिल पेश होने के बाद शुरुआत में 8 घंटे चर्चा का समय तय किया गया था, लेकिन बहस के लिए समय कम पड़ने पर इसकी अवधि 3 बार बढ़ाई गई और सदन रात 12 बजे तक चला. प्रस्ताव पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा की शुरुआत की और अंत में बहस पर जवाब भी दिया. बीजेपी, कांग्रेस, जेडीयू और टीडीपी ने सदन में मौजूद रहने के लिए अपने सांसदों को व्हिप जारी किया. विधेयक पर केंद्र सरकार का कहना है कि वक्फ कानून में संशोधन के बाद गरीब मुसलमानों को फायदा होगा. वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होने से मुसलमानों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं को चलाना आसान हो जाएगा. इससे पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो जाएगी. साथ ही कल्याण और विकास के लिए राजस्व में वृद्धि होगी.राजस्थान में ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल लोकसभा में पास होने पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा,”यह भारत के लोकतंत्र की जीत है और यह विधेयक बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से लाया गया और चर्चा के बाद विधेयक पारित किया गया है. पीएम मोदी ने हमेशा ‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास’ की बात की है. यह मुसलमानों के हित में सरकार द्वारा उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है. मुझे उम्मीद है कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा.इधर मध्य प्रदेश के भोपाल में बुधवार को एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। बुर्का पहने महिलाएं, हाथों में गुलाब और ‘थैंक यू मोदी जी’ के प्लेकार्ड लिए सड़कों पर उतर आए। ये सभी वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में इकट्ठा हुए थे। केंद्र सरकार ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य देशभर में वक्फ बोर्डों के स्वामित्व वाली संपत्तियों को विनियमित करने वाले कानूनों में बड़े बदलाव लाना है।*
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