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राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस वीर कुंवर सिंह कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया

बिक्रमगंज शहर के वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर में 75वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिस राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय शिक्षक प्रतिनिधि डॉ० मनीष रंजन ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह ने तिरंगे को सलामी देते हुए राष्ट्रीय गान के साथ ध्वजारोहण किया। अवसर पर प्राचार्य ने सभा को संबोधन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्व पर 75वां गणतंत्र दिवस पूरा देश मानते हुए वीर जवानों के बलिदान को याद कर रहा है। जहां शहीदों का जीवन संघर्ष हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा। जिस गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ था।   दूसरी तरफ डॉ० मनीष रंजन ने बताया कि हम भारतीय को गर्व करना चाहिए कि हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। गणतंत्र का अर्थ है। जो देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और केवल जनता को ही देश को सही दिशा में ले जाने के लिए अपने प्रतिनिधियों को राजनीतिक नेता के रूप में चुनने का अधिकार है। हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में पूर्ण स्वराज के लिए 200 वर्षों से भी अधिक समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियां किसी की गुलाम बनकर न रहे और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का निर्वहन कर सके। दूसरी तरफ डॉ० मनीष ने उस्थित सभी दर्जनों भारत के चौथे स्तंभ पत्रकारों को डायरी कलम भेट कर उन्हें सम्मानित किया। मौके पर प्रोफेसर वीर बहादुर सिंह, उमा शंकर सिंह, बलवंत सिंह, ज्ञान प्रकाश सिन्हा, विजय सिंह, अनिल सिंह, अजीत सिंह, रमेश कुमार, दिनेश सिंह व अभय सिंह , सरोज सिंह, बब सिंह, मुन्ना सिंह, नरेंद्र सिंह, परवेज खाना, शशि कुमार, पूर्व विधायक राजेश्वर राज, भाजपा नेता सुनील सिंह, अजीत सिंह, राजद नेता मुन्ना राय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थें।

विजेंद्र सिंह उर्फ फौजी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सेना के जवान ने रची थी हत्या की साज़िश, एसपी रोहतास ने प्रेसवार्ता में दी इसकी जानकारी

सूर्यपुरा थाना अन्तर्गत कैलानी गांव के पास नीमा निवासी विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी, पिता श्री भगवान सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। एसपी रोहतास विनीत कुमार ने बिक्रमगंज थाना परिसर में प्रेसवार्ता में बताया कि इस हत्या की साजिश उसके हीं गांव के सेना के जवान राजू रंजन ने रच कर सुपारी किलरों की मदद से की थी।   गौरतलब हो कि नीमा निवासी विजेंद्र सिंह उर्फ फौजी को उनके कल्याणी स्थित निर्माणाधीन मकान पर अपराधकर्मियों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिया गया था। हत्या कर भाग रहे अपराधियों के द्वारा गोशलडीह गाँव में भी गोली चलाई गई, जिसमें अंकित कुमार पिता धर्मराज सिंह को पैर में गोली लगी थी। अपराधियों को आक्रोशित भीड़ के द्वारा घेर लिया गया तथा भाग रहे अपराधियों में से दो आदित्य कुमार पिता प्रमोद कुमार, ग्राम कोढ़‌वाँ टोला, थाना जगदीशपुर मिथलेश कुमार पिता रामबली सिंह, ग्राम चाँद टोला, थाना पिरो को अज्ञात भीड़ के द्वारा मारपीट कर हत्या कर दी गई। सूर्यपुरा पुलिस समय पर पहुँच कर एक अपराधकर्मी अजीत कुमार पिता अशोक सिंह, ग्राम जान टोला, थाना पीरो, जिला भोजपुर को बचा लिया। तथा उसे अस्पताल में भर्ती कराया।   इस संबंध में मृतक विजेन्द्र सिंह की पत्नी उषा देवी के फर्दबयान के आधार पर सूर्यपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए हमने एक विशेष अनुसंधान दल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिक्रमगंज कुमार संजय के नेतृत्व में गठित की गई, जिसमें अंचल पुलिस निरीक्षक, बिक्रमगंज, थानाध्यक्ष सूर्यपुरा तथा अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। विशेष अनुसंधान दल के द्वारा हत्या में शामिल घायल अपराधकर्मी अजीत कुमार से पुछताछ, तकनिकी अनुसंधान से इस काण्ड का सफलतापुर्वक उद्भेदन किया गया तथा घटना में शामिल अपराधकर्मी अजीत कुमार, अनीष कुमार, मधु कुमार उर्फ पिन्टु सिंह, हरिओम कुमार, गोलु कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।   घटना में प्रयुक्त दो देशी पिस्टल, एक जिन्दा कारतुस सात खोखा, तीन मोबाईल एवं एक अपाची मोटरसाईकिल बरामद किया गया। अनुसंधान के क्रम में पता चला कि 23 जनवरी 2020 को नितिश कुमार पिता सच्चिदानंद सिंह की हत्या उसके गांव नीमा में कर दी गई थी। उस हत्याकाण्ड में मृतक के पिता सच्चिदानंद सिंह के द्वारा पाँच लोगों को नामजद प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था। जिसके विरूद्ध पुलिस के द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर आरोप पत्र समर्पित किया गया, लेकिन मृतक के भाई राजु रंजन सिंह उर्फ राजु रंजन कुमार जो 214 बटालियन, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, लातेहार (झारखण्ड) में आरक्षी के पद पर पदस्थापित है को यह सन्देह था कि उनके भाई की हत्या पंचायत चुनाव में संभावित मुखिया प्रत्याशी होने की वजह से विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी के द्वारा कराया गया है। इस कारण उसने विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी की हत्या करने का षड्यंत्र किया। और इसके लिए अपराधियों को पाँच लाख रूपया की सुपारी तय की तथा अग्रिम स्वरूप एक लाख रूपया आदित्य कुमार के खाता में डाला तथा हथियार खरीदने के लिए एक लाख रूपया नगद दिया।   इस घटना को अंजाम देने के लिए अपराधकर्मियों के द्वारा 09 नवंबर को कल्याणी स्थित निर्माणाधीन मकान पर प्रयास किया गया, लेकिन अपराधियों के द्वारा विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी की सही पहचान नहीं करने के कारण उनकी हत्या नहीं की जा सकी। तब इस काण्ड के मुख्य साजिशकर्ता के द्वारा अपने परिवार के दो भाईयों को लगाया गया। तब 15 नवंबर को जब विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी अपने आवास नीमा से कल्याणी निर्माणाधीन मकान पर जाने के लिए निकले तो अपराधियों को इसकी सूचना मोबाईल से दी गई।   अपराधियों के द्वारा विजेन्द्र सिंह उर्फ फौजी की पहचान की गई एवं कल्याणी स्थित निर्माणाधीन मकान पर उनकी हत्या कर दी गई। इस काण्ड की मुख्य साजिशकर्ता नीमा निवासी राजु रंजन कुमार उर्फ राजु रंजन सिंह पिता सच्चिदानंद सिंह 214 बटालियन, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, लातेहार (झारखण्ड) से गिरफ्तार कर लिया गया।

कृषि वैज्ञानिकों ने छात्रों को दी आधुनिक खेती की जानकारी

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सासाराम के 130 बच्चे कृषि विज्ञान केंद्र, बिक्रमगंज में फील्ड विजिट कार्यक्रम के तहत भ्रमण करने आए। सभी छात्र एवं छात्राएं वर्ग 9, 10 एवं 11 कक्षाओं के थे। सभी छात्रों को वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ शोभा रानी ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में कैरियर बनाने हेतु उचित मार्गदर्शन दिया।   संबोधन के दौरान उन्होंने केंद्र की सभी गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि रोहतास जिला धान उत्पादकता में पूरे राज्य में अव्वल है। कृषि विज्ञान केंद्र में धान एवं गेहूं के सभी प्रभेदों पर काम किया जाता है। किसानों को धान, गेहूं, चना, मसूर एवं तीसी के उन्नत बीज केंद्र द्वारा मुहैया कराया जाता है। समेकित कृषि पालन इकाई के तहत गौपालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन इत्यादि देख कर सीख सकते हैं।   भविष्य में अगर उद्यमी बनना चाहे तो मशरूम उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, विदेशी सब्जी उत्पादन, अनाज प्रसंस्करण इत्यादि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। सभी छात्र-छात्राओं को केंद्र का भ्रमण कराया गया एवं कृषि संबंधी विभिन्न इकाइयों को के बारे में बताया गया।   वैज्ञानिक आर जलज ने मत्स्य पालन के उन्नत तकनीक की जानकारी दी। डॉ रमाकांत सिंह ने मृदा प्रयोगशाला की विस्तृत जानकारी प्रयोगशाला मशीनों को दिखाकर दिया। डॉ रतन कुमार ने फल, फूल, सब्जी एवं उद्यान के विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वीर कुंवर सिंह कॉलेज की रावे प्रोग्राम अंतर्गत सात छात्राएं भी मौजूद रही। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को कृषि में स्नातक होने के लिए जरूरी तैयारी के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उनके अनुसार दसवीं के बाद इंटर कृषि की पढ़ाई की जा सकती है अथवा विज्ञान विषय लेकर उचित परीक्षा के माध्यम से कृषि में स्नातक किया जा सकता है।   केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों में प्रियंका पाराशर, वेद प्रकाश द्विवेदी, पुष्पेंद्र शर्मा, पूर्णमासी सिंह यादव, शशिकांत तिवारी, किरण लता और प्रेम शंकर मौर्य मौजूद थे। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के अन्य कर्मी एचपी शर्मा, सुबेश कुमार, अभिषेक कौशल एवं राकेश कुमार उपस्थित थे।

स्नातक परीक्षा के तीसरे दिन सघन जांच से परीक्षार्थियों में मची हड़कंप, कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर वीर कुंवर सिंह केंद्र पर बढ़ी सख्ती

बिक्रमगंज में संचालित स्नातक पार्ट वन परीक्षा के तीसरे दिन मंगलवार वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर परीक्षा केंद्र सहित सभी केंद्रों पर कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर हुई सघन जांच। जिससे परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों में हड़कंप मच गई ।   गौरतलब हो कि शहर में बने चार परीक्षा केंद्रों पर नए सीबीसीएस पैटर्न तहत जारी परीक्षा केंद्र पर सबसे अधिक परीक्षार्थियों की संख्या 2416 वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर केंद्र पर है। जहां दोनों पालियों में साइंस और कला संकाय विषय की परीक्षा में वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर परीक्षा केंद्र सहित अन्य तीन केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।   हालांकि सभी केंद्रों पर कोई भी परीक्षार्थी तीसरे निष्कासित नहीं हुए। दूसरी तरफ परीक्षा केंद्र पर सघन जांच को देखते हुए परीक्षार्थी सहमे जरूर है। इस संबंध में वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय केंद्राधीक्षक डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कदाचारमुक्त संचालित परीक्षा के तीसरे दिन भी परीक्षा केंद्र पर दोनों पालियों में मुन्ना भाई, मोबाईल, ब्लूटूथ, गेस पेपर सहित अन्य इलेक्ट्रानिक व चिट पुर्जे के खिलाफ मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर भी सघन जांच अभियान चला नकल पर नकेल कसा जा रहा है।   जो संचालित परीक्षा के अंतिम दिन तक जारी रखा जायेगा। वहीं परीक्षा के उपरांत स्थानीय पुलिस बल की तैनाती भी काफी सक्रिय नजर आया। शनिवार से प्रारंभ परीक्षा अंतर्गत शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर में 2416, अंजबीत सिंह महाविद्यालय 1682, इंदु तपेश्वर महिला महाविद्यालय 1439 सहित पटेल महाविद्यालय में 1043 परीक्षार्थियों की सूची शामिल हैं।   जो दो पालियों में साइंस व कला संकाय विषयों के साथ परीक्षा निर्धारित समय पहली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही है।

नामांकन वापसी के अंतिम दिन अखिलेश ने अध्यक्ष पद से लिया नामांकन वापस, सिद्धनाथ सिंह निर्विरोध होंगे व्यापार मंडल के चौथी बार अध्यक्ष

बिक्रमगंज व्यापार मंडल चुनाव के नामांकन वापसी के अंतिम दिन एक अध्यक्ष और 7 प्रबंधकारिणी सदस्य पद से अपना नामांकन वापस लेने के उपरांत सिद्धनाथ सिंह उर्फ जवाहर निर्विरोध होंगे अध्यक्ष। इनके साथ सभी 7 प्रबंधकारणी सदस्य भी निर्विरोध चुने गए।   बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि अध्यक्ष और सदस्यों के निर्विरोध चुने जाने के बाद अब 30 जनवरी को होने वाले चुनाव प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। इसे स्थगित कर दिया गया है। सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को जीत का प्रमाण पत्र मुहैया कराया जाएगा। इस चुनाव को लेकर अध्यक्ष पद से नामांकित प्रत्याशी अखिलेश सिंह सहित 7 प्रबंधकारिणी सदस्यों ने भी अपने पद से नाम वापस लेते हुए व्यापार मंडल अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह उर्फ जवाहर सिंह को अपना भीष्म पितामह स्वरूप गुरु मानते हुए जीत का सरताज पहनाने की घोषणा कर उनका आर्शीवाद लिया। हालांकि चुनाव से पूर्व नामांकन उपरांत कुछ समय के लिए चुनाव की बजार गर्म जरूर थी। जिसके लिए सिद्धनाथ सिंह ने सभी व्यापार मंडल सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी है।

अयोध्या में राम को अधिष्ठापित होने पर सनातनियों ने मनाया दीपोत्सव

सदियों पूर्व के कठिन तपस्या के पश्चात सोमवार को श्री अयोध्या जी में आराध्य देव प्रभु श्री रामचंद्र जी की प्रतिमा अधिष्ठापित की गई। इस पावन अवसर के उपलक्ष में सनातनियों ने देवालय सहित घरों को दीपमाला से सजाया। मनोरम दृश्य देख लगा कि आज दीपावली का त्यौहार है। कई जगहों पर प्रसाद वितरण सहित संकीर्तन का भी आयोजन किया गया। शहर के डुमरा रोड स्थित काली मंदिर के प्रांगण में भाजपा के युवा नेता रितेश राज के नेतृत्व में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को एलईडी के माध्यम से प्रसारित कराया गया। सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक के प्रसारण का गवाह बने। लोगों में सुबह से ही उत्साह देखा गया। मंदिरों को साफ सफाई करने के बाद रंग-बिरंगे लाइट लगाए गए और संध्या समय में दीप प्रज्वलित किए गए। पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि हम सनातनियों के लिए आज गौरव का दिन है। इच्छा शक्ति के अभाव में पूर्व की सरकारें इस ऐतिहासिक कार्य को करने में विफल रही जिसके कारण हमारे आराध्य देव को कठिन तपस्या से गुजरना पड़ा।   वही अवध मेडिकेयर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रवि रंजन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रूपम के द्वारा क्लीनिक के समीप इस शुभ अवसर पर प्रसाद वितरण कराया गया। शहर के डीएसपी कार्यालय के समीप शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, अस्कामिनी मंदिर, नटवार रोड स्थित महावीर मंदिर एवं धनगाई काली मंदिर सहित सभी मंदिरों में दीपोत्सव किया गया। वही सासाराम रोड बिक्रमगंज स्थित महावीर मंदिर में अखंड संकीर्तन का आयोजन कराया गया।

प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ संपन्न

बिक्रमगंज नगर परिषद के वार्ड 20 अंतर्गत धारुपुर में 6 दिवसीय श्रीश्री 1008 श्री लक्ष्मी महायज्ञ प्राण प्रतिष्ठा के साथ सोमवार को संपन्न हो गया। जिसका समापन श्री जीयर स्वामी महाराज के शिष्य श्री प्रेमानंद महाराज के सानिध्य में भगवान हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठा के विधि-विधान पूजन के साथ हुई। इस अवसर पर स्थानीय शहर से लेकर दूर-दराज से आएं हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी थी। दूसरी तरफ महायज्ञ आयोजन के समापन को लेकर धारूपुर के लोग दिन-रात एक कर श्रद्धालुओं के सेवा में समर्पित दिखें। अंतिम दिन भाजपा प्रदेश शिक्षक प्रकोष्ठ महामंत्री डॉ० मनीष रंजन ने महायज्ञ पूजा सदस्यों के साथ भगवान श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज के प्राण प्रतिष्ठा पूजन के बाद भक्तिमय जयकारे के साथ हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया।   वहीं गांव स्थित हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठा मूर्ति स्थापित होते ही क्या बच्चें, बूढ़े, युवा सहित महिला और पुरुष सभी उत्साहित थे। मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह,नगर सभापति मनोरंजन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, सरोज सिंह, सरसठ सिंह, बब सिंह, मुन्ना सिंह, विजय बहादुर सिंह, मनोज सिंह, चुननु सिंह, गुड्डू सिंह, दीपू सिंह, चीकू सिंह, बद्रीनाथ सिंह, राधेश्याम सिंह, रघुवंश सिंह, त्रिभुवन सिंह सहित हजारों भक्त उपस्थित थें।

सेवानिवृत्त सूबेदार विनोद कुमार ने यूजीसी में सफलता प्राप्त की

यह कहावत सत्य है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। नौकरी में रहते या नौकरी से सेवा निवृत होने के बाद भी दिल में कुछ कर दिखाने की जज्बा हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए भारतीय सेना के जवान विनोद कुमार ने 28 साल सेना में नौकरी करने के बाद, एक प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर लोगों को अचंभित कर दिया है। सेना में सूबेदार पद पर रहकर देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत हुए सूबेदार विनोद कुमार ने यूजीसी व जीसेट की परीक्षा में सफलता प्राप्त किया।   बिक्रमगंज प्रखंड क्षेत्र के एक छोटा सा गांव घोसियां कला में जन्मे, विनोद कुमार ने 1995 में भारतीय सेना से जुड़कर देश की सेवा करते रहे। ऑफिस में कामकाज को निपटने के बाद वह पढ़ाई से जुड़े रहे। हाल ही में यूजीसी नेट व जीसेट की परीक्षा में सम्मिलित होकर सफलता प्राप्त किया है। सूबेदार विनोद कुमार ने संपर्क करने पर बताया कि 28 साल भारतीय सेना में नौकरी करने के बाद सेवानिवृत हुआ। लेकिन नौकरी में रहते ही हमने अपनी पढ़ाई जारी रखी। सेवा निवृत्ति के बाद 46वें वर्ष की उम्र में हमने यूजीसी नेट व 17 वीं जीसेट की परीक्षा में सफलता प्राप्त किया है। इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, सेना के जवानों व ग्रामवासियों को दे रहे है।

स्नातक पार्ट वन की परीक्षा के पहले दिन सभी केंद्रों पर हुई शांतिपूर्ण संपन्न, परीक्षा केंद्र पर सख्ती देख मुन्ना भाई हुए फरार

शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा द्वारा संचालित स्नातक पार्ट वन परीक्षा पहले दिन वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय धारूपुर, इंदू तपेश्वर महिला महाविद्यालय बिक्रमगंज सहित सभी चारों परीक्षा केंद्र पर कदाचारमुक्त शांति पूर्वक संपन्न हुई।   शहर क्षेत्र में चार परीक्षा केंद्रों पर नए सीबीसीएस पैटर्न के तहत जारी परीक्षा के दोनों पालियों में साइंस और कला संकाय विषय की परीक्षा में वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर परीक्षा केंद्र पर 2416 परीक्षार्थीयों की सूची शामिल थी। जिसमें कुछ परीक्षार्थी अनुपस्थित भी रहें। दूसरी तरफ परीक्षा केंद्र पर सघन जांच को देखते कुछ मुन्ना भाई परीक्षा केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर से ही फरार हो गए।   हालांकि महाविद्यालय कर्मियों ने कुछ दूर तक दौड़ लगाते हुए उनको पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन वह भागने में सफल रहें। केंद्राधीक्षक डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि कदाचारमुक्त संचालित परीक्षा के पहले दिन से ही परीक्षा केंद्र पर दोनों पालियों मुन्ना भाई, मोबाईल, ब्लूटूथ, गेस पेपर सहित अन्य इलेक्ट्रानिक व चिट पुर्जे के खिलाफ मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर तक सघन जांच अभियान चलाया गया।   परीक्षा केंद्रों पर वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय, धारूपुर में 2416, अंजबीत सिंह महाविद्यालय 1682, इंदु तपेश्वर महिला महाविद्यालय 1439 सहित पटेल महाविद्यालय में 1043 परीक्षार्थियों की सूची शामिल हैं। जो दो पालियों में साइंस व कला संकाय विषयों के साथ परीक्षा निर्धारित समय पहली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे संचालित हो रही है।   इंदू तपेश्वर सिंह महिला महाविद्यालय के केन्द्राधीक्षक डा. बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा कक्ष में जाने के पूर्व हीं सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। पहले दिन काफी सख्ती से परीक्षा ली गई। यह सख्ती अंत तक जारी रहेगा।

कौतूहल का विषय बना ध्वज पर लगे प्रभु श्रीराम का तस्वीर निहारता बंदर

बिक्रमगंज नगर परिषद क्षेत्र के धारुपुर में आयोजित महावीर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के दौरान एक बंदर कौतूहल का विषय बन गया। हुआ यह कि यज्ञ स्थल पर लगाए गए प्रभु श्रीराम चन्द्र की फोटो युक्त ध्वज के समीप पहुंच कर बंदर निहारने लगा। हाथ से ध्वज पकड़ कर मानो वह प्रभु से संवाद कर रहा हो, ऐसा प्रतीत हो रहा था। अल्प समय के इस दृश्य को देख लोगों के चेहरे पर आश्चर्य का भाव उत्पन्न होने लगा।   यज्ञ में लगे प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि अयोध्या में बन रहे प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर पृथ्वी लोक के हर एक प्राणियों में आस्था जागृत करने का काम किया है। बंदर हनुमान जी के स्वरूप होते हैं जो प्रभु श्री रामचंद्र जी के परम भक्तों में से एक है। अपने प्रभु का फोटो देख इस प्राणी के अंतरमन में भक्ति का तरंग संचारित हो जाने का अनुमान उन्होंने लगाया। विलुप्त जीवो का आगमन प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व अयोध्या जी में होने लगा है, यह सदियों पूर्व से स्थापित सनातन संस्कृति का झलक है। धारूपुर के यज्ञ स्थल के समीप इस तरह का दृश्य पुरानी यादों को पुनर्जीवित करने का काम किया है। वही डॉक्टर मनीष रंजन ने बताया का दृश्य बनते ही गांव में चर्चा का विषय बन गया। उसे देखने के लिए कई लोग यज्ञ स्थल की ओर दौड़ पड़े।