शिव गुरु संगोष्ठी का आयोजन बड़े ही धूमधाम से कोआथ के विद्यालय खेल मैदान में किया गया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत कीर्तन भजन जागरण भजन एवं राष्ट्रीय गान के साथ किया गया। आज का संगोष्ठी का विषय जल संचय जीवन संचय रखा गया था। मंच पर आते ही मुख्य अतिथि श्रीमती लभली आनंद एवं डॉक्टर अमित जी ने शिव गुरु के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तत्पश्चात डॉ अमित जी ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय नव वर्ष की शुभकामना दी तथा इस नए वर्ष में अपने शिव गुरु से जुड़ने तथा जोड़ने का गति लाने की अपील की। मुख्य अतिथि नीलम देवी की पुत्री श्रीमती लवली आनंद ने अपने शिव गुरु को प्रकृति प्रेम को दर्शाते हुए जल ही जीवन है पर प्रकाश डाला तथा हर हाल में जल को बचाए रखना है। पर्यावरण संरक्षण हम सबों की जिम्मेवारी है। इस चिलचिलाती धूप में अपने शिव गुरु भाई-बहनों से मिलकर एक विशेष आनंद की अनुभूति होती है। विशेष कर शिव शिष्ययता अपने आप में भाव विभोर हो। मंच का संचालन गुरु भाई सुभाष सिंह ने की। दूर दराज से आए वरिष्ट गुरु भाई बहनों ने अपने-अपने विचार एवं अनुभूति संगोष्ठी में रखें। इस संगोष्ठी के शुभ अवसर पर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सचिव धिरंजन प्रसाद सहयोगी अभिनय जी हरिओम पांडे अनुज कुमार श्री नवीन चंद्र शाह बंगाली राम भारत पासवान महेंद्र सिंह बृजेश सिंह मंत्रणा दीदी आशा रीता लीलावती रणधीर जी उमेश जी दीपक राजपति देवी रीना देवी अनीता देवी सरवन जी सरवन जी प्रेम कुमार भोला जी। यह कार्यक्रम शिव शिष्य हरिंद्रानंद फाउंडेशन के सानिध्य में संपन्न हुआ। फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य है की जनमानस का बौद्धिक एवं आध्यात्मिक उन्नयन हो सके। सभी शिष्य परिवार को आओ चले शिव की ओर पुस्तक निश्चित रूप से पढ़नी चाहिए। तथा अपने घर पर रखनी चाहिए। ऐसा करने से अध्यात्म अवतरित होकर समानता और शांति के सुमन खिला दे और प्रेम के पराग से मानवता सुगंधित हो जाए।। कार्यक्रम का समापन आरती प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ।