Bakwas News

परिवार प्रबोधन विषय पर किया गया संगोष्ठी का आयोजन

प्रज्ञा प्रवाह मासिक व्याख्यान आयोजन समिति के तत्वावधान में एक संगोष्ठी का आयोजन शहर के द.डी. पी. एस. पानी टंकी बिक्रमगंज के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पत्रकार संतोष चंद्रकांत, मुख्य वक्ता जयशंकर पाण्डेय पर्यावरण सह संयोजक दक्षिण बिहार प्रांत जयशंकर पांडेय तथा विभाग संयोजक डॉ. अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का परिचय जिला प्रवक्ता भाजपा रविकांत ने कराया। तत्पश्चात अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता जयशंकर पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में कुटुंब प्रबोधन अर्थात् परिवार का प्रबोधन अति आवश्यक हो गया है, क्योंकि आजकल परिवार बहुत ही तेजी से विखंडित हो रहे है। जिसको बचाने का जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों को ही है। उन्होंने कहा कि क्या थे क्या हो गए, आओ करें मिलकर हम सभी विचार। आज लोग पापा कहलाना पसंद कर रहे है लेकिन पिता (बाबूजी) जी नहीं, मम्मी कहलाना पसंद कर रही लेकिन माता जी नहीं। वह दृश्य ही क्या था जब भारत बोले भैया अयोध्या के राजा आप है, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जी ने कहा कि नहीं भारत पिता जी के वचनों के अनुसार इस राज्य के राजा अब तुम ही हो। लेकिन आज भाई भाई में ही कटुता की भाव भरा हुआ है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री संतोष चंद्रकांत ने कहा कि परिवार प्रबोधन पर अनेकों विद्वानों ने अपना अपना विचार दिया है। जैसे स्वामी विवेकानंद, आशुतोष राणा, कवि सुरेंद किशोर जी उल्लेख करते हुए इस विषय पर बहुत ही सारगर्भित प्रकाश डाला तथा कहा कि परिवार को सुसंस्कृत, सुदृढ करने की आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं में डॉ. देवेश, डॉ. रविकांत, डॉ. अरविंद, डॉ. अमरेंद्र मिश्र, श्री मदन वैश्य तथा रामनरेश पाण्डेय जी उपर्युक्त विषय पर सूक्ष्मता से अपने अपने विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार ने किया। अंत धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमरेंद्र मिश्र ने किया। उन्होंने कार्यक्रम आए हुए मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि, विभाग संयोजक, जिला सह संयोजक अजय शंकर , विद्यालय प्रबंधक तथा समाज से आए हुए सभी सम्मानित विद्वानों को धन्यवाद तथा आभार प्रकट किया।

CHANDRAMOHAN CHOUDHARY
Author: CHANDRAMOHAN CHOUDHARY

Bio*

Leave a Comment