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बिक्रमगंज के अंजबित सिंह कॉलेज में किया गया भाषण प्रतियोगिता का आयोजन युवाओं ने बताई 2050 में कैसे होंगे सुखी, समृद्ध और सम्मान के हकदार बिहार के किसान

बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के एकमात्र अंगीभूत कॉलेज अनजबित सिंह के सेमिनार हॉल में कृषि बाजार और 2050 का बिहार विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 23 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्राचार्य डॉ अनुज रजक ने किया। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि प्रधान क्षेत्र है। बिक्रमगंज अनुमंडल को धान का कटोरा भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को विकसित होने के लिए उन्हें परंपरागत खेती से हटकर काम करना होगा। इस कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी व वनस्पति शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ कन्हैया सिंह ने अध्यक्षता व संचालन किया। उन्होने कहा कि सब्जी उत्पादन, फल उत्पादन, समेकित कृषि प्रणाली, औषधीय पौधे के अलावा कृषि से जुड़े व्यवसाय की ओर अग्रसर होना होगा। वैज्ञानिकों के परामर्श को अपनाना होगा। साथ ही सिंचाई की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और सुधार की जरूरत है। बाजार को पारदर्शी करने और मोबाइल एप्प के माध्यम से बाजार की जानकारी और विपणन की व्यवस्था, उत्पादित खाद्य पदार्थो के प्रसंस्करण, पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज, कृषि स्टार्टअप, खेती को कम बोझिल और परिश्रमी करने के लिए मशीन का अधिक से अधिक उपयोग करने पर बल दिया गया। एआई की खेती में सहयोग, कृषि वैज्ञानिकों की ऑनलाइन सलाह, दवा व उर्वरक छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग के अलावा कई छात्र छात्राओं ने 2050 तक सुखी किसान, समृद्धशाली किसान और सम्मानित किसान होने के लिए सरकार की कई योजनाओं की सराहना किया, तो कई योजनाएं की जरूरत पर बल दिया। कहा कि आज अन्नदाता कि स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण खेती छोड़ रहे हैं। इस काम में न पैसा है न आराम है और ना हीं सम्मान है। 2050 तक हर हाल में सरकार को इसे ठीक करना होगा। जिससे ये सुखी, समृद्धशाली और सम्मान के हकदार हो।

CHANDRAMOHAN CHOUDHARY
Author: CHANDRAMOHAN CHOUDHARY

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