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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया होते हैं देश के सजग प्रहरी : डॉ० मनीष

 राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महामंत्री सह काराकाट विधानसभा के भावी प्रत्याशी डॉ० मनीष रंजन ने देश के लोकतंत्र के सजग प्रहरी स्वरूप सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

 

इस अवसर पर भाजपा युवा नेता डॉ० मनीष ने बताया कि किसी भी देश के चार मजबूत स्तंभ होते हैं, अगर ये चारो स्तंभ अपनी जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करते है तो वह देश सफलता की नई शिखर पर पहुंच जाता है। जो चार स्तंभों में मीडिया का सबसे अहम योगदान होता है।

 

जिसके कारण मीडिया की जिम्मेदारी आज काफी बढ़ गई है। जहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस इनकी जिम्मेदारी का ऐहसास दिलाता है। वहीं भारत एक लोकतंत्र के चौथे स्तंभ स्वरूप पत्रकारिता का देश माना जाता है।

 

क्योंकि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से सुनिश्चित मानी गई है।

 

ज्ञात हो कि भारत में प्रेस परिषद के औपचारिक कामकाज की शुरुआत 16 नवंबर 1966 ई० को हुई थी। उसी समयकाल से 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में इसे मान्यता दी गई। जिसे हर वर्ष इसी तिथि के दिन देश में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। जिसे मानने का मुख्य देश में मीडिया की आजादी के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है।

CHANDRAMOHAN CHOUDHARY
Author: CHANDRAMOHAN CHOUDHARY

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