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बुद्धिजीवियों ने पौधरोपण कर मनाया रक्षाबंधन का त्योहार

बिक्रमगंज शहर के मौनी बाबा यमुनादास लखराजो देवी महिला महाविद्यालय के संस्थापक सचिव सह भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रोफेसर डॉ बलिराम मिश्रा के नेतृत्व में शहर के बुद्धिजीवियों ने भाई-बहन के अटूट प्रेम के पावन पर्व रक्षाबंधन का त्योहार पौधरोपण कर मनाया।

 

इस मौके पर बर, पीपल एवं पाकड़ का वृक्ष एक साथ महाविद्यालय मुख्य द्वार के दोनों तरफ लगाया। साथ ही मौके पर डीएवी पब्लिक स्कूल सेमरा बिक्रमगंज के प्राचार्य प्रेमचंद्र त्रिपाठी, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमरेंद्र मिश्रा सहित अन्य समाजसेवी लोग भी उपस्थित रहे।

 

वृक्षारोपण के उपरांत डॉ मिश्रा ने कहा कि वृक्ष प्रकृति की एक अनमोल देन है और यहीं वजह है कि भारत में वृक्षों को प्राचीन काल से ही पूजा जाता रहा है। आज भी यह प्रथा कायम है। वृक्ष हमारे परम हितैसी निःस्वार्थ सहायक अभिन्न मित्र हैं।

 

उन्होंने कहा कि इन तीनों वृक्षों की महत्ता शास्त्रोक्त विधि एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में बताया गया है। वृक्षों के बिना अधिकांश जीवों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वृक्षों से ढके पहाड़, फल और फूलों से लदे वृक्ष, बाग, बगीचे मनोहारी दृश्य उपस्थित करते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। वृक्षों से अनेकों लाभ हैं जैसे वृक्ष अपनी भोजन प्रक्रिया के दौरान वातावरण से कार्बन डाइ ऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। जिससे अनेक जीवों का जीवन संभव हो पाता है।

 

वहीं डीएवी पब्लिक स्कूल सेमरा बिक्रमगंज के प्राचार्य प्रेमचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वृक्षों से हमें लकड़ी, घास, गोंद, रेजिन, रबर, फाइबर, सिल्क, टैनिन, लैटेक्स, हड्डी, बांस, केन, कत्था, सुपारी, तेल, रंग, फल, फूल, बीज तथा औषधियां प्राप्त होती हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमरेंद्र मिश्रा ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण को शुद्ध करने का कार्य करते हैं और प्रदूषण को दूर करते हैं। साथ ही ध्वनि प्रदूषण को दूर करते हैं। वायु अवरोधक की तरह काम करते हैं और इस तरह आंधी व तूफान से होने वाली क्षति को कम करते हैं।

 

वृक्ष की जड़ मिट्टी को मजबूती से पकड़ कर रखती है, जिससे भूमि कटान रुकता है। अन्यथा पहाड़ों पर से मिट्टी बह कर मैदानी क्षेत्रों में आती है और वहां वह नदियों के धरातल में जमा होकर नदियों की गहराई को कम कर देती। परिणाम स्वरूप मैदानी इलाकों में अधिक वर्षा होने पर जल्दी बाढ़ आती। वृक्ष वर्षाजल को धरा पर रोकते हैं और वातावरण को नम रखते हैं। वृक्ष वर्षाजल को तेजी से बहने से रोकते हैं, जिससे जल पृथ्वी में नीचे तक पहुंच पाता है और भूमिगत जल स्तर बढ़ाता है। वृक्ष सूर्य के ताप से जीवों को बचाते हैं। अनेकों जीव इसकी गोद में शरण पाते हैं और इसके फल, फूल, जड़, तना तथा पत्तों से अपना पोषण करते हैं।

 

मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता रामानुज पांडेय , प्रोफेसर प्रेम कुमार पांडेय , प्रोफेसर एन.एम. कुरैशी , विजय कुमार मिश्रा एवं निलेश तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।

CHANDRAMOHAN CHOUDHARY
Author: CHANDRAMOHAN CHOUDHARY

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