Bakwas News

बिक्रमगंज में धूमधाम से मनाई गई ईद-उल-फितर, नमाज अदा कर मांगी अमन-चैन की दुआ

 ईद न केवल इबादत और शुक्राने का दिन है बल्कि भाईचारे, मोहब्बत और खुशियों को बांटने का भी एक खास मौका है। इसी भावना के साथ ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र में बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। ईद के मौके पर सुबह से ही ईदगाहों एवं विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी तथा एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बिक्रमगंज निवासी एवं विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मी मो. आदिल खान ने बताया कि इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए ईद-उल-फितर की तारीख हर वर्ष बदलती रहती है। यह पर्व शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है, जो पवित्र रमजान माह के समापन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ईद की तारीख तय करने का सबसे अहम आधार चांद का दीदार होता है। रमजान के 29वें दिन चांद दिखने पर अगले दिन ईद मनाई जाती है, अन्यथा 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद मनाई जाती है। ईद के अवसर पर घरों में विशेष रूप से मीठी सेवइयों एवं विभिन्न पकवान बनाया जाता है। पूरे महीने रोजा रखने के बाद ईद का दिन लोगों के लिए एक इनाम के रूप में आता है, जब वे परिवार और अपनों के साथ खुशियां साझा करते हैं। बाजारों में भी ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। नए कपड़े, मिठाइयों और सेवइयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा। ईद के इस पावन अवसर पर लोगों ने जरूरतमंदों की सहायता कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया, जिससे त्योहार की पवित्रता और भी बढ़ गई।

CHANDRAMOHAN CHOUDHARY
Author: CHANDRAMOHAN CHOUDHARY

Bio*

Leave a Comment