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मजदूरों की मौत की आशंका से अमरथा गांव में मचा कोहराम चारो ओर से निकल रही चीख पुकार से दहला पूरा गांव

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के सीगची केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट में काराकाट थाना क्षेत्र के अमरथा गांव के मजदूरों के लापता होने पर पूरे गांव में कोहराम मच गया है। लापता मजदूरों के मौत की आशंका से चारों ओर केवल चीख पुकार मच गई है। परिजनों के रूदन क्रंदन से लोगों का कलेजा दहल जा रहा है। सूचना के अनुसार तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सोमवार सुबह एक भीषण हादसा हुआ। पाशमिलारम इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज की दवा बनाने वाली फैक्ट्री में रिएक्टर यूनिट में धमाका हो गया। सुबह 8:15 से 9:30 बजे के बीच हुए इस विस्फोट में 12 मजदूरों की जान चली गई, जबकि 34 अन्य झुलस गए हैं। मृतकों में बिहार के छह मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। इस फैक्ट्री में काराकाट थाना क्षेत्र के अमरथा गांव के चार मजदूर भी काम कर रहे थे। इनमें डब्लू पासवान गंभीर रूप से झुलसे हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, जबकि दीपक पासवान, दिलीप गोसाई और नागा पासवान अब तक लापता हैं।

“पापा, आग लग गई है, अब बचना मुश्किल है” – दीपक का आखिरी फोन कॉल था।

लापता दीपक पासवान की मां गंगोत्री देवी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। उन्होंने बताया, “मेरा बेटा दो दिन पहले ही पहली ही बाहर काम करने गया था। हादसे के वक्त उसने अपने पिता को कॉल किया और कहा – ‘पापा, कंपनी में आग लग गई है… अब मेरा बचना मुश्किल है।’ इसके बाद कॉल कट गया और तब से उसका कुछ पता नहीं चला। गंगोत्री देवी फूट-फूटकर रोते हुए कहती हैं, दीपक हमारे घर का इकलौता कमाने वाला था। उसके पिता देख नहीं सकते। अब घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। एक दिन पहले ही तो फोन पर बात हुई थी। अब घर सूना हो गया। सरकार से बस यही मांग है – मेरा बेटा चाहिए, चाहे जिंदा या मृत अवस्था में।”

नागा की पत्नी गर्भवती, परिजन बोले – ‘अब किसके सहारे जियेंगे?’

लापता नागा पासवान की परिजन फूला देवी का दर्द भी कम नहीं है। उन्होंने बताया, “सोमवार सुबह 10 बजे ही उनकी नागा से आखिरी बार बात हुई थी। वह पैसे भेजने की बात कर रहा था। गांव के लोगों ने चंदा जुटा कर उसकी शादी कराई थी। कुछ ही दिन पहले वह रोजी-रोटी के लिए परदेश गया था और अब यह हादसा हो गया। उसकी पत्नी गर्भवती है। अब समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें, कहां जाएं ? ”वही दिलीप गोसाईं कि पत्नी ने बटुआ कि जब दिलीप फैक्ट्री जा रहे थे, तब हमने बात की थी। अब हम सुन रहे हैं कि फैक्ट्री में आग लग गई है। दिलीप का क्या हुआ, यह नहीं पता। वो जिंदा हैं या नहीं, ये भी नहीं जानती। वह समझ नहीं पा रही है कि परिवार का पालन पोषण कैसे होगा। तीन लड़कियां हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है। अब मैं कैसे करूंगी? क्या भीख मांग कर गुजारा करूंगी? हमारा एक लड़का भी है, लेकिन वो अभी छोटा है। दिलीप का एक भाई भी है, जो दिव्यांग है। अब पूरा परिवार बिखर गया है।

घायल डब्लू पासवान का फोन – ‘मां, मैं पूरी तरह जल गया हूं’

घायलों में शामिल डब्लू पासवान ने भी हादसे के तुरंत बाद अपने पापा को कॉल कर बताया कि वह आग में बुरी तरह झुलस गया है। उनकी मां ने कहा, “उसकी आवाज कांप रही थी, बोला – मां, मैं पूरी तरह जल गया हूं। बड़ी मुश्किल से जान बची है। उसके साथ काम करने वाले कई लोग आग से नहीं निकल पाए। वह अब किसी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन हालत नाजुक है।”

प्रशासन ने दिए तत्काल मुआवजे के निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही श्रम विभाग के पदाधिकारी देवाशीष कुमार ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। लापता मजदूरों की तलाश, घायलों के इलाज और मृतकों के शवों की वापसी की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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