सीबीएसई के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में जिले भर के शिक्षकों ने लिया भाग, वेन्यू डायरेक्टर सीमा रानी ने किया स्वागत
ANJANI KUMAR
अरवल
सीबीएसई बोर्ड के तत्वावधान में अरवल जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र के सोहसा स्थित आर्यन हेरिटेज स्कूल में “कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन जेंडर सेंसिबिलिटी” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की निर्देशिका सह प्रधानाध्यापिका एवं कार्यक्रम की वेन्यू डायरेक्टर श्रीमती सीमा रानी ने सभी रिसोर्स पर्सन और विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागी शिक्षकों का हार्दिक स्वागत किया. उन्होंने “लैंगिक संवेदनशीलता” विषय पर संक्षिप्त एवं मार्गदर्शनपूर्ण संबोधन दिया.
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “हमें समाज के हर व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना होगा. इसके लिए हमें अपने संस्थानों की कार्यसंस्कृति में सुधार करना होगा और स्वयं को इस परिवर्तन के लिए तत्पर करना होगा, ताकि समाज का कोई भी वर्ग उपेक्षित या वंचित महसूस न करे.”
उन्होंने आगे कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास के साथ-साथ अंतर्निहित मानवीय मूल्यों को विकसित करना है, जिसमें जेंडर सेंसिटिविटी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है. समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति और शिक्षाविदों का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने आचरण, व्यवहार और शिक्षण पद्धति में लैंगिक समानता को अपनाएं.
प्रशिक्षण के दौरान सीबीएसई के अनुभवी रिसोर्स पर्सन श्रीमती सोनम मिश्रा एवं ताराकांत पाण्डेय ने प्रतिभागियों को लैंगिक समानता लैंगिक भेदभाव, रूढ़िवादी सोच, कार्यस्थल पर समानता, कक्षा में लड़के-लड़कियों में भेदभाव रहित व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कई गतिविधियों, समूह चर्चा छात्रगण के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक स्कूल संस्कृति निर्माण जैसे विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया, और केस स्टडी के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया.
इस शिविर में अरवल जिले के विभिन्न सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 60 शिक्षकों ने भाग लिया. सभी ने इसे काफी ज्ञानवर्धक बताया. इस आयोजन की विशेष उपलब्धि यह रही की आर्यन हेरिटेज विद्यालय सीबीएसई बोर्ड के शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है। आर्यन हेरिटेज के इस उपलब्धि पर विद्यालय के संस्थापक डॉक्टर मारुत नंदन कुमार ने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता इंफ्रास्ट्रक्चर और टीमवर्क का परिणाम है हमारा लक्ष्य है कि विद्यालय संवेदनशील सुरक्षित और समावेशी अधिगमन वातावरण बनाने में सफल हुआ है ।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया.







