खतरे के निशान से नीचे है पानी, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर पर ग्रामीणों की नजर.
ANJANI KUMAR
अरवल
सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. पिछले कई दिनों से सोन नदी के पानी में प्रतिदिन बढ़ोतरी देखी जा रही है. जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, बावजूद इसके पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोग संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर सतर्क हो गए हैं.
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर नदी के आसपास बसे सोन तटीये ग्राम , बेलाव , सोहसा , बाथे परासी आदि गांवों के ग्रामीणों के बीच साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. ग्रामीण लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लोगों का कहना है कि अभी पानी खतरे के निशान से नीचे है, इसलिए तत्काल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन यदि जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती रही तो आने वाले दिनों में निचले इलाकों में परेशानी उत्पन्न हो सकती है.
ग्रामीणों के अनुसार सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि का सीधा असर नदी के आसपास के खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ सकता है. नदी के पानी के बढ़ने से खेतों में लगी फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी रहती है. इसके साथ ही नदी के समीप रहने वाले परिवारों को आवागमन, पशुओं की सुरक्षा और रोजमर्रा के कार्यों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. यही कारण है कि ग्रामीण अभी से स्थिति को लेकर सजग नजर आ रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी का जलस्तर यदि अचानक तेजी से बढ़ता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है. ऐसे में प्रशासन को नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समय रहते ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके. ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के जलस्तर की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने और तटीय क्षेत्रों में आवश्यक तैयारी रखने की मांग की है.
हालांकि, प्रशासनिक स्तर से अभी तक इस संबंध में किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन नदी में लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाने से संभावित परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
इधर, सोन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण ग्रामीणों की निगाहें अब नदी के पानी पर टिकी हुई हैं. लोग प्रतिदिन नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देख रहे हैं और आसपास के लोगों से इसकी जानकारी ले रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर जल्द स्थिर होता है तो स्थिति सामान्य बनी रहेगी, लेकिन पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में चिंता और बढ़ सकती है.
फिलहाल सोन नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. इसके बावजूद लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सावधान कर दिया है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा.







